13जेएनडी04: जाट धर्मशाला में वरिष्ठ आईपीएस वाई पूरण मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते खाप न
जींद। एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर 36 बिरादरी साथ हो गई हैं। धर्मशाला में ढांडा खाप के प्रधान देवव्रत ढांडा की अध्यक्षता में हुई बैठक में 36 बिरादरी के प्रतिनिधियों, खाप पंचायतों, छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य इस दुखद घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करना था ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके और समाज में शांति बनी रहे। प्रदेशभर की खाप पंचायतों के प्रधान व जाट धर्मशाला के प्रधान ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रधान फुल कुमार मोर व देवव्रत ढांडा समेत अन्य खाप के प्रधानों ने कहा कि आईपीएस वाई पूरण कुमार की आत्महत्या ने प्रदेश में आज हालात बदल दिए हैं। इसमें सरकार को चाहिए की इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषी को कड़ी सजा दी जाए और निर्दोष को बलि का बकरा नहीं बनाया जाए।
किसी भी अधिकारी पर कार्रवाई करने से पहले उसकी जांच करवाई जाए। खाप पंचायतों ने कहा कि इस मामले को जातीय रंग नहीं दिया जाए। उन्होंने कहा कि दो बेटियों ने अपना पिता खोया है और एक महिला ने अपना पति खोया है, उन्हें न्याय मिलना ही चाहिए।
इस घटना से पूरा समाज आहत है। इसमें हर पहलू की गहन पड़ताल की जाए। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। प्रतिनिधियों ने जोर दिया कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी व्यक्ति विशेष को अनावश्यक रूप से निशाना नहीं बनाया जाए।
कुछ शरारती तत्व इस मामले को जातिगत रंग देकर समाज में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई ताकि समाज में भाईचारा और शांति कायम रहे। प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह के प्रयास समाज के ताने-बाने को कमजोर करते हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
पंचायत ने अपनी मांगों को एक प्रस्ताव के रूप में पारित किया। प्रस्ताव में कहा गया है कि 36 बिरादरी की यह पंचायत समाज और न्याय के हित में कार्य कर रही है। इस घटना ने हरियाणा पुलिस विभाग में आंतरिक मुद्दों पर भी सवाल खड़े किए हैं।