15जेएनडी41: उल्लास कार्यक्रम के तहत परीक्षा केंद्र में परीक्षा देते व्यस्क। संवाद
जींद। जिले में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को वयस्क शिक्षार्थियों के लिए असेसमेंट टेस्ट का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे शुरू हुई परीक्षा शाम 5 बजे तक चली। करीब 3200 शिक्षार्थियों ने साक्षरता का आकलन कराने के लिए परीक्षा में हिस्सा लिया।
शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए 282 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों पर विभागीय अधिकारियों और शिक्षकों की निगरानी में शांतिपूर्ण आयोजित करवाई गई। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा का उद्देश्य उन लोगों को साक्षरता का अवसर देना है जो किसी कारण से स्कूली शिक्षा पूरी नहीं कर पाए थे।
इस बार की परीक्षा की खास बात यह रही कि पहली बार जिला जेल में बंद कैदियों को भी अभियान से जोड़ा गया। कैदियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जेल में ही परीक्षा केंद्र बनाया गया। इस केंद्र पर 84 कैदियों ने परीक्षा देकर साक्षर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया। इनमें नरवाना ब्लॉक से 871, उचाना से 495, जुलाना से 213, पिल्लूखेड़ा से 263, जींद ब्लॉक से 701, अलेवा से 135 तथा सफीदों ब्लॉक से 530 शिक्षार्थी शामिल रहे। उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के हर नागरिक को साक्षर बनाना है। इसके तहत 15 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति, जो पढ़ना-लिखना नहीं जानता, अपने नजदीकी सरकारी स्कूल में पंजीकरण कराकर इस कार्यक्रम से जुड़ सकता है और परीक्षा में शामिल हो सकता है।
जिला शिक्षा अधिकारी रितु पंघाल का कहना है कि उल्लास कार्यक्रम केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है बल्कि इसके माध्यम से वयस्कों को डिजिटल जानकारी, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता और जीवनोपयोगी कौशल से भी परिचित कराया जाता है।