जींद। बारिश और आंधी से जिलेभर की मंडियों में दूसरे दिन भी किसानों और आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक तरफ खेत में पककर तैयार हुई गेहूं की फसल के खराब होने का डर बना हुआ है। वहीं दूसरी तरफ जींद की अनाज मंडी में खरीदे गए एक लाख 22 हजार बैग भी खराब हो सकते हैं। किसानों से खरीदी गई गेहूं अभी मंडी में खुले आसमान के नीचे रखी है। इतनी ज्यादा मात्रा में गेहूं को ढकने के लिए मंडी में कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। मौसम में हुए उतार चढ़ाव में तापमान में भारी गिरावट आई है, जींद में तीन एमएम बारिश से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। इसमें न्यूनतम 18 व अधिकतम 25 डिग्री रहा व हवा की गति 14 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वहीं मौसम विभाग ने वीरवार से मौसम साफ रहने की उममीद जताई है। किसान पिछले दो दिन से मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि अपनी फसल को कटवाकर मंडी में आसानी से बेच सके। दिन में कई बार तो बादल और कई बार ही हल्की बूंदाबांदी हो रही है। इससे हाथ और मशीन से होने वाली गेहूं की कटाई नहीं हो पा रही है। जींद की अनाज मंडी में प्रथम दो दिन में चालीस से पचास हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी। इसके बाद दो दिन से खराब मौसम में मुश्किल से 20 हजार क्विंटल गेहूं मंडी में पहुंचा है। अगर मौसम साफ रहता तो मंडी में अब तक प्रथम दो दिन में आने वाली गेहूं की तुलना में तीन से चार गुणा आवक बढ़नी थी।
आठ एमएम बारिश से जलमग्न हुई उचाना मंडी
उचाना। मंडी में गेहूं की खरीद शुरू होते ही अब बारिश ने परेशानी बढ़ा दी है। मंडी से पानी की निकासी ठीक तरह से नहीं होने के कारण बुधवार को हुई आठ एमएम बारिश में ही मंडी जलमग्न हो गई। मंडी में रखी लगभग पांच हजार बोरियां बारिश के कारण पूरी तरह से भीग गई। एक तरफ तो मंडी में आने वाली गेहूं में भी नमी की मात्रा अधिक है। इसके कारण मंडी में आने वाले गेहूं साथ के साथ नहीं तुल रहे। गेहूं में नमी होने के चलते किसानों को गेहूं बेचने में परेशानी हो रही है। अब तक 65 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह ने कहा कि 12 प्रतिशत तक नमी वाली गेहूं की फसल खरीदी जा रही है। किसानों को चाहिए कि वह सुखी गेहूं लेकर आएं जिसमें नमी अधिक नहीं हो।
दो एमएम बारिश से पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी में भीगा गेहूं
पिल्लूखेड़ा। बुधवार को पिल्लूखेड़ा में हुई दो एमएम तेज बारिश से पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी में गेहूं भीग गया। इस बारिश से गेहूं से भरी बोरियां भी भीग गई। किसान बारिश से बेबस नजर आ रहे थे। रामदिया, सुंदर, दलबीर, राममेहर और दिलबाग आदि किसानों ने बताया कि सरकार ने अनाज मंडी में और शैडों की व्यवस्था करनी चाहिए।
बारिश का उत्पादन में नहीं पड़ेगा खास असर : राजस्व विभाग
बुधवार सुबह से हालांकि मौसम साफ रहा लेकिन बादल छाए रहने से बारिश की आशंका बनी हुई थी। दोपहर बाद तीन बजे अचानक मौसम में बदलाव आया और चार बजे बारिश शुरू हो गई। इस दौरान जींद में तीन एमएम, पिल्लूखेड़ा व सफीदों में दो-दो एमएम, उचाना में आठ एमएम नरवाना में सात एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं नरवाना के कुछ क्षेत्रों में हल्की ओलावृष्टि भी हुई। राजस्व विभाग के अनुसार फिलहाल हुई बारिश का उत्पादन में खास असर नहीं पड़ेगा।