मुआवजे में भेदभाव को लेकर डेढ़ साल से धरना दे रहे किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नेशनल हाईवे के लिए अधिगृहीत जमीन का उचित मुआवजा दिलवाने की मांग को लेकर डेढ़ साल से झांझ कलां गांव के पास धरना दे रहे किसानों ने सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा कि तीन गांवों के किसानों के साथ भेदभाव किया गया है। ऐसे में किसानों ने उचित मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती तो नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य रोक दिया जाएगा। इस मौके पर विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा भी किसानों के साथ मौजूद रहे।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपने पहुुंचे किसान बलबीर सिंह, रामनिवास, उमेद सिंह, शमशेर सिंह, भीम सिंह, जयभगवान कैरखेड़ी, सतबीर, दलबीर सिंह, रामफल व नफे सिंह ने बताया कि झांझ कलां, झांझ खुर्द व कैरखेड़ी गांवों की जमीन दिल्ली-पटियाला राजमार्ग के लिए सरकार ने अधिगृहीत की थी। इस पर इन गांवों के साथ लगते अहिरका गांव के किसानों को प्रति एकड़ 98 लाख रुपये मुआवजा दिया गया, जबकि खटकड़ गांव के किसानों को प्रति एकड़ 62 लाख रुपये मुआवजा मिला है। वहीं झांझ कलां, झांझ खुर्द व कैरखेड़ी गांवों के किसानों को महज 28 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआजवा मिल है। किसानों ने मांग की कि उनको भी अमरहेड़ी गांव के बराबर मुआवजा मिला।
विधायक को भी मौके पर बुलाया
जिस समय किसान प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने पहुंचे, यहां तय हुआ कि विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा को भी यहां बुलाया जाए। इस पर किसानों ने विधायक डॉ. कृष्ण् मिड्ढा से मिले। इस दौरान एसडीएम ने किसानों का ज्ञापन लेते हुए किसानों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।