पुल बनाने के विरोध में दुकानदारों ने बंद रखी मार्केट
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। मिट्टी भरकर हाइवे पर बनने वाले पुल के विरोध में उतरे ऑटो मार्केट के दुकानदारों ने दुकानों को बंद कर रोष जताया। पुल हटाओ, रोजगार बचाओ समिति का प्रतिनिधिमंडल इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मिला। दुकानदारों ने कहा कि पुल के बजाय सरकार को बाईपास निकालना चाहिए। इससे दुकानदारों का रोजगार बच सकेगा। वहीं भाजपा नेता जितेंद्र छातर, पार्षद विद्या सागर शर्मा ने भी दुकानदारों को समर्थन दिया। आंदोलन कर रहे दुकानदारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर पुल नहीं बनाने की मांग की।
ऑटो मार्केट के दुकानदारों द्वारा पुल निर्माण के विरोध में उपमंडल कार्यालय के पास एकत्रित होकर पुलिस थाना तक जुलूस निकाला। उन्होेंने कहा कि तीन दिन तक अगर पुल निर्माण को रद्द करने के लिए कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो उपमंडल कार्यालय में अपने परिवारों के साथ एक दिन धरना देंगे। पुल बनने के बाद उनका रोजगार पूरी तरह से प्रभावित होगा। अपने रोजगार को बचाने के लिए कोई भी बड़ी लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर सुशील अत्री, धर्मपाल पांचाल, सतबीर करसिंधु, बलबीर मिस्त्री, ईश्वर जांगड़ा, जिले सिंह पंवार, दलशेर सिंह, मनवीर सिंह, आनंद गोयल, नरेश छातर मौजूद रहे।
खापों को भी लिया जाएगा समर्थन
दुकानदारों ने कहा कि यहां पर मिट्टी वाले पुल के बनने से करीब 400 दुकानदारों का रोजगार प्रभावित होगा। अपने रोजगार को बचाने के लिए वे क्षेत्र की खापों और अन्य सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लेंगे। उन्होंने कहा कि जब जुलाना, कलायत, बरवाला, दनौदा में बाईपास बन सकता है तो उचाना में बाईपास क्यों नहीं बन सकता है। यहां पर मिट्टी के पुल की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यहां पर किसी तरह का जाम नहीं है।