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कर्मचारियों व ट्रेड यूनियन की हड़ताल रही बेअसर, डाक सेवा रही प्रभावित

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कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल रहीं बेअसर, कई विभागों ने नहीं दिया समर्थन
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। ट्रेड यूनियन के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल बेअसर रही। हालांकि डाक कर्मचारियों की पूर्ण हड़ताल से डाक सेवाएं बाधित रही। जिले भर के 300 डाक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे डाक सेवा प्रभावित रही। एक दिन में लगभग 18 हजार डाक भेजी जाती है। दो दिवसीय हड़ताल के दौरान अन्य यूनियनों ने भी नारेबाजी व प्रदर्शन करते हुए ट्रेड यूनियन और कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। वहीं अन्य विभागों में कर्मचारियों का समर्थन नहीं मिलने से ट्रेड यूनियन की हड़ताल पूरी तरह सफल नहीं हो पाई। रोडवेज, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और बैंकिंग सेवाओं पर भी हड़ताल का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला। वहीं रेलवे कर्मचारियों ने गेट मीटिंग व सीटू यूनियन सदस्यों ने शहर में प्रदर्शन कर अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर रोष प्रकट किया।
दो दिवसीय हड़ताल में इन विभागों के कर्मचारी रहे शामिल
ट्रेड यूनियनो के आह्वान पर भवन निर्माण मजदूर, आशा वर्कर, मिड-डे मील, आंगनबाड़ी वर्कर, सफाई कर्मचारी, ग्रामीण चौकीदार और वन विभाग के कर्मचारी नेहरू पार्क में इकट्ठा हुए। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामफल दलाल ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते ट्रेड यूनियन के आह्वान पर सभी विभागों के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल करने को मजबूर हुए हैं।
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प्रदेश सरकार से कर्मचारियों के ये हैं मांगें
प्रदेश सरकार कर्मचारियों की न्यूनतम आय 18 हजार रुपये घोषित करे। ठेका प्रथा बंद कर कर्मचारियों को स्थाई रोजगार दिया जाए। बीमा व बैंकिंग क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर प्रतिबंध लगना चाहिए। बिजली, परिवहन, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
रेलवे कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर दिया समर्थन
ट्रेड यूनियन के आह्वान पर रेलवे कर्मियों ने सभी कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए गेट मीटिंग की। नॉर्दर्न रेलवे यूनियन जींद ब्रांच के शाखा मंत्री रवि चोपड़ा ने कहा कि सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के चलते रेलवे कर्मचारी भी इस हड़ताल में समर्थन दे रहे हैं। रेलवे कर्मचारियों मेें भी सरकार की गलत नीतियों के चलते भारी रोष है। सरकार को चाहिए कि कर्मचारियों के हित के लिए नीतियां बनाई जाए। हड़ताल में रवि चोपड़ा, रोहित टंडन, राजबीर सिंह, सतबीर सिंह, सुशील व सुभाष भी मौजूद रहे।
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सरकार पेंशनरों की मांगें मानें, नहीं तो भुगतने पड़ेंगे गंभीर परिणाम: वशिष्ठ
सफीदों। हरियाणा बिजली पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन सफीदों यूनिट की मासिक बैठक नगर के विद्युत सदन में जिलाध्यक्ष राजेंद्र वशिष्ट की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन स्थानीय प्रधान कलीराम शर्मा ने किया। बैठक में पेंशनरों की मांगों व समस्याओं के बारे में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अपने संबोधन में जिलाध्यक्ष राजेंद्र वशिष्ठ ने कहा कि पेंशनरों की मांगों के प्रति सरकार गंभीर नहीं है। पेंशनरों की ओर एक मांग पत्र मुख्यमंत्री मनोहर लाल को दो जुलाई 2016 को उनके कार्यालय में दिया गया था और मांग की गई थी कि पंजाब के समान पेंशन, पेंशन बढ़ोतरी, कैश लेस मेडिकल सुविधा, बिजली भत्ता व फैमिली पेंशन लागू की जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने पेंशनरों की मांगों को उचित बताया था और इन मांगों को शीघ्र लागू करने का आश्वासन भी दिया था लेकिन अढ़ाई वर्ष बीत जाने के बावजूद पेंशनरों की मांगेें लंबित पड़ी हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि समय रहते उनकी मांगों को लागू नहीं किया तो चुनाव में सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इस अवसर पर रामनिवास शर्मा, ईश्वर लंबा, जिले सिंह व जयपाल आदि मौजूद थे।
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