अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जींद की गिनती अक्सर पिछड़े जिलों में की जाती है, लेकिन जींद एनआईसी और प्रशासन की मेहनत के बलबूते पर डिजिटल क्षेत्र में प्रदेश में प्रथम तो दूसरे स्थान पर गिनती में आता है। जिले में लगभग 379 अटल सेवा केंद्र हैं। इनमें 300 ग्रामीण और 79 शहरी क्षेत्र में हैं। प्रशासन की मेहतन से अब जिले के 80 फीसदी कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए इन अटल सेवा केंद्रों पर ही होते हैं। आधार कार्ड को लेकर होने वाली परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए एनआईसी कार्यालय ने 20 आधार किट जिले के विभिन्न गांवों में शुरू की हैं और जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। यह भी प्रदेश में जींद की अचीवमेंट हैं।
प्रदेश में स्थापित किए गए इन अटल सेवा केंद्रों पर जहां एक तरफ लोगों को अपने घर-द्वार पर ही सभी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है, तो वहीं प्रदेश में हजारों युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध हुआ है। अब सरकार लगातार इन केंद्रों की सेवाओं को बढ़ाने में अग्रसर है, ताकि सभी सुविधाएं लोगों को ग्रामीण क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकें और अटल सेवा केंद्र संचालकों की आय बढ़ाई जा सके। जींद के वीएलई (विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर / ग्राम स्तर उद्यमी) द्वारा लोगों को सुविधाएं देने में भी कोई कसर बाकी नहीं है। जींद को पीएमजी दिशा अर्थात ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को डिजिटल साक्षर करने का टारगेट लगभग 50 हजार का था। इस टारगेट पर काम करते हुए जींद में 34064 लोगों को अब तक डिजिटल बनाकर जींद प्रदेश में दूसरे स्थान पर है, तो वहीं दिगी पे जोकि डिजिटल पेमेंट एप है, पर काम करके लोगों को बैंक की सुविधा गांव में ही देने के क्षेत्र की बात करें तो इसमें 221581 ट्रांजेक्शन करके प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। इन दोनों सुविधाओं की तुलना प्रदेश के सबसे तकनीकी ज्यादा तकनीकी क्षेत्र गुरुग्राम और फरीदाबाद से की जाए तो यह दोनों इस काम में काफी पिछड़े हुए हैं। गुरुग्राम में डिजिटल साक्षरता की बात की जाए तो इसमें अब तक 3746 लोगों को ही डिजिटल साक्षर किया गया है और 8831 के नाम साक्षरता के लिए दर्ज किए गए हैं। इसके अतिरिक्त फरीदाबाद में 4577 को शिक्षित किया गया और 8193 का नाम डिजिटल साक्षरता के लिए दर्ज किया गया है।
अटल सेवा केंद्रों को बनाया गया डिजिटल डाक्टर और अध्यापक
अटल सेवा केंद्रो पर लोगों की बड़ी से बड़ी बीमारियों का भी होम्योपैथिक तकनीक से ऑनलाइन इलाज किया जाता है। होम्योपैथिक में बड़े से बड़े डाक्टर ऑनलाइन सेवाएं अटल सेवा केंद्रों पर एक निर्धारित फीस में देते हैं। इसके अतिरिक्त इन केंद्रों का एक अध्यापक के रूप में भी प्रयोग किया जा रहा है। केंद्रों पर सभी तरह के कंप्यूटर कोर्स करवाए जाते हैं।
जिला प्रबंधक कुलदीप शर्मा और विवेक कौशिक ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर सभी सुविधाएं देने के लिए वीएलई की समय-समय पर बैठक बुलाकर प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि सरकार के लक्ष्य को शीघ्र पूरा किया जाए और आमजन को सरकार की नीतियों का लाभ मिले। सुविधाएं देने में जींद जिला प्रदेश में अग्रणी है। ग्रामीण अटल सेवा केंद्रों पर सैकड़ों की संख्या में सुविधाएं दी जा रही हैं और लोग इनका भरपूर फायदा उठा रहे हैं।