अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना।
मंगलवार को नरवाना से कटार सिंह वाला 127 किलोमीटर लंबे रेल सेक्शन का निरीक्षण सीआरएस (कमिशनर रेलवे सेफ्टी) शैलेश कुमार पाठक ने किया। निरीक्षण में सब ठीक मिला, जिसके चलते रेलवे लाइन को हरी झंडी मिलने के बाद इस सेक्शन पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाकर ट्रायल लिया गया।
सीआरएस शैलेश कुमार पाठक नरवाना स्टेशन पर मंगलवार को अल सुबह अपनी दस बोगी की स्पेशल ट्रेन के साथ करीब दो बजे पहुंचे। वहां सुबह दस बजे से ग्यारह बजे तक करीब एक घंटे स्टेशन पर रुके और नरवाना जंक्शन पर बनाए गए इलेक्ट्रिक पैनल का निरीक्षण किया। सीआरएस ने पैनल रूम में स्थापित किए उपकरणों को लेकर मौजूद अधिकारियों से सवाल किए। जिससे अधिकारी हड़बड़ाहट में सीआएस के सवालों का सटीक जवाब देने में सफल नहीं हुए। इस पर सीआरएस ने अधिकारियों को लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि काम में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
दिल्ली से लहरा मोहब्बत तक होंगे 300 करोड़ खर्च
नई दिल्ली-बठिंडा रेल मार्ग के चल रहे विद्युतीकरण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। दल्लिी से लहरा मोहब्बत तक 252 किलोमीटर पर 300 करोड़ की राशि खर्च होगी। फिलहाल कटार सिंह वाला से बठिंडा तक सात किलोमीटर लंबे रेलवे सेक्शन का विद्युतीकरण होना बाकी है। इस सेक्शन पर अब काम जोरों पर चल रहा है। मार्च तक यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
रेलवे में होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर गंभीर
सर्दियों में कोहरे को लेकर होने वाले हादसों को लेकर सीआरएस शैलेश कुमार पाठक ने कहा कि रेलवे दुर्घटनाओं में काफी कमी आई है। पिछली अप्रैल से लेकर दिसंबर तक 90 दुर्घटना हुई थीं, लेकिन इस बार केवल 55 दुर्घटनाएं र्हुइं। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टाफ काफी सतर्क होकर काम कर रहा है। कोहरे को लेकर होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में दुर्घटनाएं होती है। उन्होंने कहा कि रेलवे ने स्कीम निकाली है, त्रिनेत्रा जो अभी पहली स्टेज पर जिसके तहत सिग्नल पहले ही ड्राईवर के पास गाड़ी में आ जाता है। मंत्रालय ने फैसला लिया है कि यूरोप की टेक्नोलॉजी ईटीएस वन ट्रैक पर लगाएंगे। अभी इसको रोल आउट करने में चार से छ: साल का समय लगेगा। पहले दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे रूट पर लागू होगा। इसके बाद यह समस्या खत्म हो पाएगी।