अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जाट धर्मार्थ सभा के चुनाव या सर्वसम्मति से असमंजस के बादल छट नहीं रहे हैं। हालांकि सभा के वर्तमान प्रधान सहित कई लोग सर्वसम्मति का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन समाज के करीब दस लोग ऐसे हैं, जो प्रधान पद के लिए दावा ठोंक रहे हैं। ऐसे में चुनाव टालने के लिए कार्यकारिणी ने 24 दिसंबर को एक बार फिर से मीटिंग बुलाई है। इससे पहले भी चार बाद मीटिंग हो चुकी है, लेकिन सर्वसम्मति नहीं बन पाई है।
सभा के वर्तमान प्रधान आजाद सिंह पंवार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में जाट धर्मार्थ सभा ने नई सफलताएं पाई हैं। तीन साल में करीब 80 करोड़ रुपये का विकास कार्य हुआ है और पिछली कार्यकारिणी से जो भी राशि मिली थी, उसमेें कोई कमी नहीं आई है। पंवार ने कहा कि उनके प्रधान रहते समाज के गरीब बच्चों के लिए अच्छी कोचिंग का केंद्र बनाने की योजना बनाई गई। ऐसे में जो भी नई कार्यकारिणी बनेगी, वह इसे जरूर पूरा करेगी। गौरतलब कि जाट धर्मार्थ सभा की कार्यकारिणी का कार्यकाल 31 दिसंबर को पूरा हो रहा है। ऐसे में यदि 24 दिसंबर तक सर्वसम्मति नहीं बनती तो फिर चुनाव ही एक रास्ता बचेगा। इस दौरान कोषाध्यक्ष धूप सिंह, सचिव तेजेंद्र ढुुल, महासचिव सुरेंद्र खटकड़ मौजूद रहे।