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मकानों की फेरबदल में उलझे मरीज, दो गांव की गर्भवती महिलाएं भी परेशान

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संजय कुमार
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सफीदों। गांव हरिगढ़ मेें बिल्डिंग कंडम होने के कारण पिछले चार साल से एक मकान में ही उप-स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है, लेकिन सरकार व स्वास्थ्य विभाग ने हरिगढ़ स्वास्थ्य केंद्र की कोई सुध नहीं ली। इसके कारण ग्रामीणों में काफी रोष है। चार साल मेें स्वास्थ्य केंद्र के कई मकान बदले जा चुके है, जिससे गांव हरिगढ़ व रामनगर के मरीजों को भी गांव में इधर-उधर चक्कर काटने पड़ते है। जिसमें सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है। दोनों गांव के ग्रामीणों ने गांव की कंडम पड़ी बिल्डिंग के नवनिर्माण करवाने की मांग की है। ग्रामीण सुभाष ने बताया कि गांव हरिगढ़ उप स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग पूर्णरूप से जर्जर हो चुकी है। जिसका लांटर भी गिर चुका है। इस बिल्डिंग में कार्य करना खतरे से खाली नहीं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। ताकि मरीजों को इधर-उधर चक्कर ना लगाने पड़े।
एएनएम शशी कौर ने बताया कि कई बार मीटिंगों में इस बिल्डिंग के नवनिर्माण के लिए मांग रख चुके हैं। जिसके बाद हल्ला बोल की टीम आई थी। टीम ने भी बिल्डिंग को कंडम घोषित कर दिया था, लेकिन एक दिन जब केंद्र का लांटर टूटकर गिरा तो वहां एक बड़ा हादसा होते-होते टला था। जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों से अनुमति लेकर पहले एक छोटे मकान में और अब दूसरे बड़े कमरे में स्वास्थ्य केंद्र को चालू किया हुआ है।
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कई बार भेजा प्रस्ताव
ग्रामीणों की मांग के अनुसार कई बार प्रस्ताव पारित करके सरकार के पास भेजा जा चुका है। लेकिन अब-तक कोई ग्रांट नहीं आई है। जैसे ही ग्रांट आती है, तो उप स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग बना दी जाएगी। मकान मेें स्वास्थ्य केंद्र चलने से कई तरह की परेशानियां होती है।
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- जितेंद्र लांबा, सरपंच

वह कई बार हरिगढ़ स्वास्थ्य केंद्र के लिए डिमांड भेजी जा चुकी है। जिसमें गांव सिल्लाखेड़ी, सिंघुपरा, अंटा व खेड़ाखेमावती के लिए स्वास्थ्य केंद्र की तो मरम्मत के लिए तो ग्रांट भेजी गई है। जल्द ही स्वास्थ्य कें द्र के लिए भी बजट आने की संभावना है।
- कुलदीप राणा, एसएमओ।
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