अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जिला परिषद के चेयरमैन व उपचेयरमैन का मानदेय बढ़ाने के बाद अब जिला पार्षदों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को जिला पार्षदों ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बैठक कर मानदेय बढ़ाने की मांग की है। जिला पार्षदों ने कहा कि अगर उनका मानदेय नहीं बढ़ाया गया तो प्रदेशभर के पार्षदों की बैठक कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
जिला पार्षदों ने प्रतिमास डीसी रेट का मानदेय देने, सरकार के अधिकारियों की सी ग्रेड के समान टीएडीए देने, वाहन खर्च प्रतिमास देने, अतिथि खर्च, आवासीय खर्च की मांग की। वार्ड-16 से जिला पार्षद अमित निडानी ने कहा कि सरकार ने पिछले दिनों चेयरमैनों की मानदेय व क्लास वन के अधिकारियों के समान टीएडीए दिया गया है, जबकि उपचेयरमेन को क्लास द्वितीय के अधिकारियों के समान टीएडीए देने के साथ मानदेय बढ़ाया गया है, जबकि जिला पार्षदों को नाममात्र का वेतनमान दिया जाता है। उनको मानदेय के नाम पर खानापूर्ति करके टीएडीए, मोबाइल खर्च सहित अन्य सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।
जिला पार्षद सरकार से मांग करते हैं कि उनको भी तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के समान टीए डीए, मोबाइल खर्च, मेहमान खर्च दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार चेयरमैन को सरकारी वाहन और तीन हजार किलोमीटर प्रतिमाह का डीजल का खर्च दे रही है। सरकार को पार्षदों के पास मौजूद वाहन का डीजल खर्च देना चाहिए। साथ ही जिला पार्षद का मानदेय बढ़ाया जाए। वार्ड-18 से जिला पार्षद विकास बुराडहैर ने कहा कि सरकार सबका विकास, सबके साथ का दावा करती है, लेकिन सरकार ने जिला पार्षदों के मानदेय बढ़ाने में अनदेखी की गई है। वार्ड-14 से जिला पार्षद सतपाल संगतपुरा, वार्ड-11 से जिला पार्षद दिनेश डाहौला ने कहा कि सरकार ने जल्द ही उनका मानदेय बढ़ाया नहीं गया तो वे आंदोलन करेंगे।
जिला पार्षदों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
चेयरमैनों की तर्ज पर जिला पार्षदों का मानदेय बढ़ाने की मांग