जींद। जिले में कोरोना संक्रमण के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। लगातार लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को 452 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट मिली। इनमें से 30 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा आठ लोग कोरोना को मात देकर ठीक हुए हैं। जिले में फिलहाल कोरोना के 79 संक्रमित लोग हैं, इनमें से तीन लोग नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल हैं।
कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. विजेंद्र ढांडा ने कहा कि यदि लोग लापरवाही बरतेंगे तो कोरोना संक्रमण के मामले कम नहीं होंगे। लोग भीड़भाड़ के स्थानों पर जाने से बचें, यदि जाना ही पड़े तो मास्क जरूर लगाएंगे। इससे कोरोना संक्रमित होने से बचा जा सकता है। यदि हर कोई एक महीने तक मास्क का प्रयोग करे तो जिले से कोरोना को खत्म किया जा सकता है। इसके अलावा शारीरिक दूरी का प्रयोग भी जरूरी है। इस समय कोरोना का जो स्वरूप है, उसकी फैलने की क्षमता अधिक है, हालांकि यह ज्यादा खतरनाक नहीं है लेकिन इसके बावजूद हमें सावधान रहने की जरूरत है। लोगों को बाजार या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले मास्क जरूर लगाना चाहिए। इसके अलावा गर्म पानी का सेवन करना चाहिए और ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए। कोरोना वायरल फेफड़ों पर अधिक असर करता है। इसलिए ठंडी वस्तुएं खाने से फेफड़ों का संक्रमण बढ़ जाता है।
कोरोना काल से अब तक 553 लोगों की हो चुकी है मौत
डॉ. विजेंद्र ढांडा ने कहा कि अब तक जिले के पांच लाख 41 हजार 576 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 25 हजार 886 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ चुकी है। इनमें से 553 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 25 हजार 254 लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो चुके हैं। इस समय 79 एक्टिव केस हैं।
कोट
स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मलेरिया, कोरोना, डेंगू आदि रोगों के बारे में शिविर लगाती हैं। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। जिन लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आती है, उनको अलग कमरे में दस दिन तक रहना चाहिए। बाहर घूमने से अन्य लोग भी संक्रमित हो सकते हैं। यदि कोई संक्रमित व्यक्ति बाहर घूमता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन।