संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जनस्वास्थ्य विभाग ने गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही इस बार गांवों में पेयजल की होने वाली किल्लत का समाधान करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके चलते शहर के आसपास के दस गांवों में पेयजल आपूर्ति की योजना बनाई है। इसमें तीन स्थानों पर वाटर वर्कर्स बनाकर बूस्टर के माध्यम से गांवों में समान रूप से पेयजल आपूर्ति किया जाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग 30 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगा। इस योजना से जिले की 50 हजार की आबादी को लाभ पहुंचेगा।
जिले के शहर से सटे गांवों हैबतपुर, खोखरी, दालमवाला, बोहतवाला व मांडों के लिए खोखरी गांव में वाटर वर्कर्स बनाया जाएगा। इसके लिए बूस्टर के माध्यम से हर गांव में अलग-अलग पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल की सप्लाई की जाएगी। ताकि किसी भी गांव में पेयजल की किल्लत का सामना गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को नहीं करना पड़े। इन गांवों में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा लगभग 18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके टेंडर मुख्यालय में अलॉटमेंट के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा निर्जन व पिंडारा गांवों में पेयजल की समस्या का समाधान करने के लिए निर्जन गांव में वाटर वर्क स बनाया जाएगा। इस पर साढ़े सात करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शहर के हांसी रोड बड़े गांव ईक्कस व जलालपुर कलां गांवों में भी कई वर्षों से गर्मी के मौसम में पेयजल की किल्लत बढ़ जाती थी। इसको देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने इन दोनों गांवों के लिए ईक्कस में वाटर वर्कर्स बनाया जाएगा। इसके लिए चार करोड़ 77 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इनकी टेंडर प्रक्रिया को पूर्ण कर काम शुरू करवाया जा रहा है।
अब तक इन गांवों में खेतों तथा सबमर्सिबल नलकूप पर निर्भर भी ज्यादातर पेयजल व्यवस्था
इन गांवों में अब तक पेयजल की ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण अधिकतर ग्रामीणों को खेतों में ट्यूबवेल तथा गांव में लगे सबमर्सिबल नलकूप से भूमिगत पेयजल से काम चलाना पड़ रहा था। भूमिगत पेयजल में टीडीएस की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह पीने के योग्य नहीं था। अब इन ग्रामीणों को वाटर वर्कर्स बनने के बाद शुद्ध पेयजल जनस्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करवाएगा।
कोट
जनस्वास्थ्य विभाग गांवों में हर घर तक पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए अग्रसर है। इसके चलते खोखरी, दालमवाला, बोहतवाला, हैबतपुर, मांडो, निर्जन, पिंडारा, ईक्कस व जलालपुर गांव में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए वर्कर्स बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन सभी गांवों में लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल पहुंचाया जाएगा। कुछ गांवों में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो कुछ में शीघ्र होने वाली है। हर घर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है।
दलबीर दलाल कार्यकारी अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग जींद।