जींद। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान 278 कन्याओं को आर्थिक सहायता दी गई है। जिला कल्याण विभाग को मिले 13 करोड़ रुपये के बजट में से अब तक 1.50 करोड़ रुपये पात्र लाभार्थियों को वितरित किए जा चुके हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर विवाह के दौरान पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। योजना के तहत अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा अन्य पात्र परिवारों की बेटियों को निर्धारित शर्तों के आधार पर सहायता राशि दी जाती है।
योजना के तहत सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। विभाग की ओर से आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर होना जरूरी है। इसके अलावा विवाह पंजीकरण, आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र और बैंक खाते संबंधी दस्तावेज जमा करवाने होते हैं।
बॉक्स
योजना के मुख्य बिंदु
लड़की की उम्र 18 वर्ष से अधिक हो और परिवार हरियाणा का निवासी हो।
परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख से कम होनी चाहिए।
गरीबी रेखा से नीचे, अनुसूचित जाति-जनजाति, टपरीवास समुदाय के लिए सहायता राशि 71,000 रुपये
विधवाओं, तलाकशुदा, अनाथ लड़कियों और पिछड़े वर्ग के पात्र परिवारों को 51,000 रुपये
अन्य बीपीएल परिवार के सभी वर्गाें को 31,000 रुपये
शादी से पहले या शादी के छह महीने के अंदर शादी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें।आधार कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, हरियाणा निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, शादी का कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र।
वर्जन
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत जिले में 278 कन्याओं को लाभ दिया गया है। वर्ष 2025-26 के दौरान 13 करोड़ का बजट आया था, जिसमें से 1.50 करोड़ की राशि लाभपात्र कन्याओं को वितरित कर दी गई है।
मोहम्मद इमरान रजा, डीसी जींद