जींद। शहरी निकाय की प्रॉपर्र्टी पर 20 साल या उससे ज्यादा समय से दुकान चला रहे दुकानदारों को उनका मालिकाना हक मिल गया है। शुक्रवार को विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा और नगर परिषद की चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने नगर परिषद के तहत 25 दुकानदारों को दुकानों का दस्तावेज उनको सौंप दिया। इस दौरान नगर परिषद उपप्रधान अर्चना शर्मा, ईओ सुशील भुक्कल, एक्सईएन एलसी चौहान, भाजपा जिला महामंत्री डॉ. राज सैनी, शिवचरण गोयल भी मौजूद रहे।
शहर की पालिका बाजार, पुरानी कचहरी रोड के अलावा कुछ अन्य स्थानों पर शहरी निकाय की प्रॉपर्र्टी है, जिन पर दुकान व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान चल रहे हैं। इनमें से कुछ ऐसे दुकानदार हैं जो यहां दो या तीन दशक से काम कर रहे हैं। इनको शुक्रवार को मालिकाना हक के दस्तावेज दिए गए। इसमें कलेक्टर रेट के आधार पर जितने गज की दुकान होगी, उसी हिसाब से दुकानदारों को नगर परिषद में पैसे जमा करवाना होंगे। आज से दुकानदार इन दुकानों का किराया नहीं देंगे। यहां पर लगभग 65 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से कलेक्टर रेट है। इसके अलावा लगभग आठ हजार रुपये दुकानदारों को विकास शुल्क भी अदा करना होगा। दुकान के निर्माण की राशि लगभग ढाई लाख रुपये समेत एक दुकानदार को 16 गज की दुकान के लिए लगभग साढ़े नौ लाख रुपये की राशि देनी होगी। इससे नगर परिषद को लगभग 25 करोड़ के आसपास आमदनी होगी। यहां कुछ दुकानें छोटी तथा कुछ बड़ी दुकानें हैं।