फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुमनाम पत्र के बाद महिला ने दिया त्यागपत्र, उठ रहे सवाल

विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। एक विश्वविद्यालय में महिलाओं के शोषण और भ्रष्टाचार के गुमनाम पत्र मिलने के मामले की जांच करने के लिए वीरवार को महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी विश्वविद्यालय पहुंचीं। बेदी ने विश्वविद्यालय की 21 शिक्षिकाओं और 28 अन्य महिलाओं से पूछताछ की। इस दौरान ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया जैसा पत्र में लगाया गया है। इस दौरान महिला कर्मचारियों ने मामला सामने आने के बाद हो रही पीड़ा को सुमन बेदी के सामने जरूर रखा है।
विज्ञापन

बेदी के अनुसार अधिकतर महिला कर्मचारियों ने बताया कि अब हर कोई उन्हें शक की निगाह से देख रहा है। महिलाओं ने कहा कि यदि किसी महिला के साथ गलत हुआ है तो वह सामने आए, सभी महिला कर्मचारी उसका साथ देंगी। वहीं गुमनाम पत्र सामने आने के बाद एक महिला कर्मचारी ने पारिवारिक कारणों के चलते त्यागपत्र दे दिया है। हालांकि महिला आयोग की सदस्य भी त्यागपत्र को इस मामले से नहीं जोड़ रही हैं, पर उस महिला से पूछताछ की जाएगी। इतना ही नहीं सुमन बेदी पत्र में आरोपी बनाए गए लोगों के नियमित रूप से विवि में आने की जांच भी करेगी।
जानकारी के लिए कुछ दिन पहले विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारियों के साथ-साथ शहर की कुछ अन्य संस्थाओं को एक गुमनाम पत्र भेजा गया था, जिसमें एक राजनीतिक दल से जुड़े दो प्रभावशाली लोगों के नाम लिखकर उन पर विवि में मनमानी करने का आरोप लगाया है। पत्र में लिखा गया है कि महिला कर्मचारियों की नौकरी नियमित करने के नाम पर उनका शोषण किया जा रहा है। साथ ही दो पन्ने के पत्र में ठेकों और ठेके के कर्मचारियों के मामले में भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की जांच विवि की इंटरनल कंप्लेंड कमेटी और पुलिस कर रही है। अब महिला आयोग ने भी मामले की जांच शुरू की है।
विज्ञापन

महिला कर्मचारी के त्यागपत्र से उठ रहे सवाल
हालांकि विवि प्रशासन और महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी महिला कर्मचारी के त्यागपत्र को इस मामले से नहीं जोड़ रहे हैं, लेकिन महिला का त्यागपत्र देना विश्वविद्यालय में चर्चा का विषय बना हुआ है। महिला ने लिखा है कि उसे विवि में आने व जाने में काफी परेशानी होती है। इसके चलते वह त्यागपत्र दे रही है, लेकिन उसने यह त्यागपत्र गुमनाम पत्र मिलने के बाद दिया है। ऐसे में सुमन बेदी ने भी कहा कि त्यागपत्र देने वाली महिला से पूछताछ की जाएगी।
महिला आयोग भी लेगा सीसीटीवी कैमरे की फुटेज
इस मामले में जांच करने पहुंची महिला आयोग की सदस्य के अनुसार जिस प्रकार के आरोप लगाए गए हैं, वह काफी गंभीर हैं। ऐसे में महिला आयोग भी अब गर्ल्स हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लेकर इसकी जांच करेगा।
संगठन में भी हरकत
गुमनाम पत्र में जिन दो लोगों पर आरोप लगाए गए हैं वे राष्ट्रीय स्तर के एक बड़े संगठन से जुड़े हैं। यह मामला सामने आने के बाद संगठन में भी हरकत है। संगठन के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पत्र एक शरारत लग रही है। जिन लोगों ने इस शरारत को किया है, उनकी पहचान कर ली गई है। जल्द ही संगठन के स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
संपर्क करे महिला, वे कोई अंडर वर्ल्ड डॉन नहीं
मामला बहुत ही गंभीर है। इसमें फिलहाल अभी तक की जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो रही है। फिर भी इससे नकारा नहीं जा सकता। यदि किसी महिला के साथ ऐसा हुआ है तो वह सामने आए। जिन लोगों पर आरोप लगे हैं वे प्रभावशाली हो सकते हैं, लेकिन अंडर वर्ल्ड के डॉन नहीं हैं। यदि उनके खिलाफ साक्ष्य है तो आयोग तक पहुंचाए। निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

सुमन बेदी, सदस्य महिला आयोग, हरियाणा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें