छह मिनट की बैठक में पास हुआ 27.97 करोड़ का बजट
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बुधवार को लघु सचिवालय स्थित कान्फ्रेंस हॉल में नगर परिषद की बजट मीटिंग हुई। जिसमें छह मिनट में ही 27 करोड़ 97 लाख 93 हजार रुपये का बजट पास कर दिया गया। इस दौरन चेयरपर्सन पूनम सैनी ने एक शब्द भी नहीं बोलीं। वहीं
मीटिंग शुरू होने पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि आचार संहिता के कारण बजट के अलावा किसी दूसरे एजेंडा पर चर्चा नहीं हो सकती। इस पर पूर्व उप प्रधान सुभाष जांगड़ा ने कहा कि मीटिंग आचार संहिता से पहले क्यों नहीं की गई, ताकि नगर परिषद द्वारा किए जाने वाले खर्च पर विस्तार से चर्चा की जा सकती। इस पर नगर परिषद के अधिकारी कोई सही जवाब नहीं दे पाए। वहीं कुछ पार्षदों ने मीटिंग समाप्त होने के बाद नगर परिषद कार्यालय में जाकर रजिस्टर में हाजिरी लगाई। 31 पार्षदों वाली जींद नगर परिषद की बजट बैठक में 28 पार्षद मौजूद रहे।
सदन में रखे गए बजट में बताया गया कि अगले वित्त वर्ष में जींद नगर परिषद कुल 27 करोड़ 33 लाख 35 हजार रुपये की कमाई करेगी। वहीं चालू वित्त वर्ष में नगर परिषद के पास 64 लाख 58 हजार रुपये बचेंगे। ऐसे में नगर परिषद के पास कुल 27 करोड़ 97 लाख 93 हजार रुपये का राजस्व एकत्रित होगा। इसमें से 27 करोड़ 11 लाख 57 हजार रुपये अगले वित्त वर्ष में खर्च किए जाएंगे। इसके बाद नगर परिषद के पास कुल 86 लाख 36 हजार रुपये बचेंगे। आचार संहिता के कारण खर्च मदों पर मीटिंग में चर्चा नहीं हो सकी, लेकिन नगर परिषद सूत्रों के अनुसार इसमें अधिकतर राशि कर्मचारियों के वेतन पर ही खर्च की जाएगी। विकास कार्यों के लिए सरकार से मिलने वाली राशि पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।
तीन पार्षद रहे अनुपस्थित
31 पार्षदों वाली जींद नगर परिषद की बजट मीटिंग में वार्ड नंबर 21, 24 और 25 के पार्षद अनुपस्थित रहे। इसके अलावा पार्षद प्रवीण बैनीवाल, रिंकू नागर, रणधीर सिंह सहित कई पार्षद मीटिंग में शामिल नहीं हुए, पर उन्होंने मीटिंग के बाद नगर परिषद कार्यालय जाकर हाजिरी जरूर लगाई।
सर्वे पर उठाए सवाल
मीटिंग के दौरान पार्षद जिले सिंह जागलान ने शहर में दोबारा करवाए जा रहे संपत्ति सर्वे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब शहर में एक बार सर्वे करवाया जा चुका है तो दोबारा से क्यों हो रहा है। इस पर कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि प्रदेश स्तर पर सभी शहरों में एक मापदंड के अनुसार दोबारा सर्वे करवाया जा रहा है। यह मुख्यालय से ही हो रहा है। इसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर नहीं है। इस पर जब पार्षद जिले सिंह जागलान ने पूछा कि इसका खर्च कौन देगा तो, कार्यकारी अधिकारी ने आचार संहिता का हवाला देते हुए सिर्फ बजट पर ही चर्चा का अनुरोध पार्षदों से किया।
मीटिंग में सिर्फ बजट पर ही चर्चा होनी थी। अधिकारियों द्वारा बजट सदन के समक्ष रखा गया। मेरे से यदि कोई सवाल होता तो मैं जवाब देती। आचार संहिता के चलते सिर्फ बजट ही पेश किया गया है। ऐसे में मेरे बोलने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
पूनम सैनी, चेयरपर्सन, जींद नगर परिषद।
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