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गन्नौर एग्री समिट सम्मेलन में जिलेभर से गई रोडवेज की 30 बस

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एग्री समिट में गईं 30 बसें, यात्री रहे परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। गन्नौर में होने वाले तीन दिवसीय एग्री समिट सम्मेलन में शुक्रवार को जिलेभर से रोडवेज की 30 बसें किसानोें को लेकर गईं। इसके चलते यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि रोडवेज अधिकारियों ने व्यवस्था बनाने का प्रयास किया, पर बसों की कमी के कारण उनके सभी प्रयास छोटे पड़ गए। शुक्रवार को जींद डिपो से 14, नरवान उपकेंद्र से 11 और सफीदों उपकेंद्र से पांच बसों को गन्नौर सम्मेलन में किसानों और कृषि अधिकारियों को भेजा गया। रोहतक, गुरुग्राम, दिल्ली, पानीपत, कैथल और गोहाना रूट से दो-दो बसों को भेजा गया। इससे लंबे रूट पर जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बस नहीं आने पर यात्री घंटों बस के इंतजार में खड़े रहे। यात्रियों को रविवार तक दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि गन्नौर में तीन दिवसीय एग्री समिट सम्मेलन 17 फरवरी तक होगा।
एग्री समिट में हर रोज जिले से 30 बसों को किसानों और कृषि अधिकारियों को लेकर जाना है। सम्मेलन के समाप्त होने के बाद भी यात्रियों को राहत मिलेगी।
नरवाना और हिसार रूट पर प्राइवेट बसों के चलने से रही राहत
जींद डिपो से 14 बसों को एग्री समिट में भेजा गया था। रोहतक, गुरुग्राम, दिल्ली, सोनीपत, गोहाना, कैथल और पानीपत रूट से दो-दो बसों को हटाया गया था। जिसकी वजह से भिवानी, दिल्ली, सोनीपत, गोहाना और कैथल रूटों पर यात्रियों को दिक्कत आई, मगर नरवाना और हिसार रूट पर प्राइवेट बसों के चलने की वजह से यात्रियों को थोड़ी राहत जरूर थी।
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चंडीगढ़ निजी काम के लिए जाना था हुआ लेट
मुझे चंडीगढ़ जाना था। काफी देर से बस के इंतजार में खड़ा हूं, लेकिन बस नहीं आ रही। मुझे पहुंचने में देरी हो जाएगी। कैथल रूट पर दोपहर बाद बस नहीं मिलती। यात्रियों की सुविधा के लिए चाहिए कि रोडवेज में बसों की संख्या को बढ़ाया जाए।
नवीन, यात्री।
यात्रियों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास
15 से 17 फरवरी तक रोडवेज की 30 बसों को रोजाना गन्नौर भेजा जाना है। जिस रूट पर भीड़ होती है, उस पर बस को भेज दिया जाता है। सम्मेलन में बस जाने पर यात्रियों की संख्या को देखते हुए बस कम पड़ रही हैं। 17 फरवरी के बाद सभी रूटों पर बसों का संचालन सुचारु रूप से शुरू हो जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
राजमल सांगवान, डीआई इंचार्ज।
बसों की कमी को लेकर केएम कॉलेज से लघु सचिवालय तक छात्राओं का प्रदर्शन
नरवाना। बसों की कमी को लेकर शुक्रवार को संघर्षशील महिला केंद्र की कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार विरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान छात्राओं ने बसों की कमी को दूर करने की मांग की। छात्राओं ने केएम कॉलेज से लघु सचिवालय तक रोष प्रदर्शन किया।
ज्योति, अनीता, नीलम, रोजी, प्रवीण, पूनम, मीना, पूजा, सोनू और सोनिया ने कहा कि छात्राओं को हर दिन स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों में जाने के उनको घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है। इंतजार के बाद जब कोई बस मिलती है तो बहुत भीड़ होने के कारण छात्राओं और महिलाओं को छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण लोग किसी घटना के भय से लड़कियों को कॉलेज नहीं भेजते। जिस कारण उन्हें उच्च शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है। एक तरफ तो सरकार छात्राओं के लिए फ्री बस पास की सुविधा दे रही है और दूसरी तरफ रूटों पर बसों की संख्या नाममात्र है। उन्होंने कहा कि कुछ रूटों पर तो बसें भी नहीं हैं। जिस कारण निजी वाहनों में पैसे लगाकर शिक्षण संस्थानों तक पहुंचना पड़ता है।
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उन्होंने बताया कि किठाना वाया ढाकल, हथो, सींसर, सुदकैन, लोधर, खेड़ी, संडील वाले रूट पर केवल एक बस चलती है। उसका भी कोई समय निश्चित नहीं है। नरवाना से टोहाना रूट पर धरोदी, कर्मगढ़, कांहाखेड़ा, फुलियां, लोहचब, धोबी, कंहड़ी रूट पर कोई बस नहीं चलती। नरवाना से टोहाना वाया लौन, धमतान साहिब, रूट पर छात्राओं की संख्या ज्यादा है, परंतु बसों की संख्या कम है। जिस कारण छात्राओं को काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है। ज्ञापन के माध्यम से छात्राओं ने महिलाओं के लिए नरवाना से टोहाना वाया लौन, धमतान रूट पर विशेष बस सेवा शुरू करने व बसों में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने की की मांग की।
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