अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के दो गुटों में चंदे की बची राशि को लेकर चल रहे विवाद का वीरवार को जाट धर्मशाला में पटाक्षेप हो गया। जिले भर की महत्वपूर्ण खपों और तपों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में समिति के एक धड़े ने 37,85,522 रुपये का चेक पंचायत को सौंप दिया। अब चेक जाट धर्मशाला में रखा गया है। इस पर आठ जुलाई को बैठक बुलाकर फैसला किया जाएगा।
वीरवार को जाट धर्मशाला में खपों और तपों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के दोनों गुटों को बुलाया गया। इस पर काफी देर तक चर्चा हुई। जिस धड़े के पास पैसे हैं, उन लोगों ने साफ किया कि पैसे कहीं नहीं गए हैं। यह जींद के ही एक बैंक शाखा में हैं। जो जिले के ही तीन लोगों के नाम से है। करीब तीन घंटे तक चली मीटिंग के बाद फैसला हुआ कि बची चंदे की राशि खापों और तपों के प्रतिनिधियों को सौंप दी जाए। इस पर समिति सदस्य राजेंद्र शास्त्री ने 37,85,522 रुपये का चेक खाप प्रतिनिधियों को सौंप दिया। इस मौके पर नौगामा खाप के नेता डॉ. दलबीर बीबीपुर, पूर्व जिलेदार चांदरूप, कैप्टन रणधीर सिंह चहल, पूर्व प्रधान वीरभान ढुल, सत्यवान ईक्कस, बिजेंद्र सिंधु, कुलदीप ढांडा, नफेसिंह ईगराह मौजूद रहे।
खापों ने राशि लेने से किया मना
हालांकि विवाद को निपटाने के लिए खापों और तपों ने मध्यस्थता की, लेकिन राशि का चेक लेने से मना कर दिया। इस पर तय हुआ कि यह चेक जाट धर्मशाला में न जमा करवाया जाए। आठ जुलाई को होने वाली बैठक में जिस भी पक्ष को चेक देने पर सहमति बनेगी, उसे ही चेक दे दिया जाएगा।
अभी किसी के नाम से नहीं है चेक
हालांकि समिति के एक धड़े ने बची चंदे की राशि का चेक खापों को दे दिया है, लेकिन अभी चेक किसी भी व्यक्ति या संस्था के नाम से नहीं बना है। इसका फैसला आठ जुलाई की मीटिंग में ही होगा।
अब खापों के पास विकल्प
हालांकि चंदे की बची हुई राशि पर खापों ने साफ कर दिया है कि यह पैसा जाट समाज का है और उनको ही यह दिया जाएगा, लेकिन इसके लिए कई विकल्पों पर चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार एक विकल्प में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के दोनों ही पक्षों की एक कमेटी बनाकर उनको चेक सौंपा जा सकता है। दूसरे विकल्प में खापों और तपों की एक कमेटी बनाई जा सकती है, जो पैसे को संभाले। वहीं एक विकल्प के रूप में अधिक चंदा देने वाले गांवों में या सभी ब्लॉकों से लोगों को एकत्रित कर कमेटी बनाई जा सकती है, जिसको पैसा दिया जाए। एक सप्ताह से समिति के दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। वीरवार की मीटिंग में दोनों पक्षों ने कहा कि इसमें पैसा विवाद नहीं है। हालांकि दोनों पक्षों ने स्वीकारा कि कुछ लोगों के मतभेद के कारण विवाद हो गया था। फिलहाल खापों ने दोनों ही पक्षों के लोगों को सार्वजनिक बयानबाजी करने से मना किया है।
कई दिन से जाट आरक्षण संघर्ष समिति के दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। इस पर वीरवार को जाट धर्मशाला में पंचायत हुई। इसमें चंदे की बची राशि का चेक खापों और तपों को सौंपा गया। इसको लेकर अब आठ जुलाई को मीटिंग बुलाई जाएगी। -सतबीर पहलवान, मीटिंग के अध्यक्ष व प्रधान खेड़ा खाप
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के चंदे की राशि के विवाद का पटाक्षेप
समिति के एक धड़े ने खापों और तपों के पदाधिकारियों को सौंपा राशि का चेक
अब आठ जुलाई को होगी मीटिंग, पैसे पर होगा फैसला