नीचे लगे मीटर बॉक्सों से हादसे का खतरा, घुस जाता है बारिश का पानी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। गोहाना रोड स्थित शहर की पॉश कॉलोनी स्कीम नंबर पांच व छह में बिजली मीटर बॉक्स खस्ता हालात में काफी नीचे लगे हुए हैं। इससे किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है। पहले भी करंट लगने से कुछ लोगों की जाने जा चुकी हैं, लेकिन बिजली निगम की उदासीनता के चलते ये हादसे को न्योता दे रहे है। लोगों के अनुसार यह काफी पुरानी समस्या है। इस समस्या की ओर प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा। कोई बड़ा हादसा होगा तब शायद को ध्यान दे।
सरकार ने करीब दस साल पहले बिजली के मीटर घरों से बाहर निकालने के लिए योजना शुरू की। इसके तहत लोगों के घरों के बिजली मीटर गलियों में बिजली के पोल पर लगाए गए। यह बिजली मीटर अब स्कीम नंबर पांच व छह में लोगों के लिए आफत बन गए हैं। लोगों ने बताया कि बारिश के समय तो पानी मीटर बॉक्स में भी घुस जाता है। इससे मीटर खराब हो जाता है, और घरों में करंट आने की संभावना रहती है। मीटर काफी नीचे लगे होने से सांड़ इसे तोड़ देते है, इससे मीटर बॉक्स टूट जाते है। लोग अपने पैसे खर्च कर नए बॉक्स लगाते हैं। लेकिन बिजली निगम ने अभी तक इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इससे लोगों में काफी रोष हैं।
पहले भी हो चुके हैं, हादसे
बिजली तार या फिर मीटर गलियों में काफी नीचे लगे होने हादसे हो चुके है। कुछ दिन पहले की घटना गांव रधाना में भी बिजली जर्जर हालात में पोल एक व्यक्ति के ऊपर गिर गया था, इससे व्यक्ति मौके पर ही मौत हो गई थी, और आए दिन सांड़ भी बिजली की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन बिजली निगम की उदासीनता कोई बड़े हादसे को न्योता दे रही हो।
सुध नहीं ले रहा निगम
बिजली के मीटर लगाने के बाद प्रशासन ने इनकी सुध नहीं ली है। इसके चलते अधिकतर मीटर बॉक्स लट गए हैं। अब यह हादसों का सबब बन सकते हैं। कई बार तो छोटे बच्चे भी इनको छू लेते हैं। इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
राजू, स्थानीय निवासी।
सुरक्षा के नहीं पुख्ता इंतजाम
बिजली निगम ने मीटर बॉक्स की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। बिजली मीटर इतना नीचे लगे हैं कि इसके पास निकले वाले लोगों का शरीर इससे छू जाता है। घरों के बाहर लगे मीटर बॉक्स नीचे होने के कारण बच्चों को भी बाहर नहीं खेलने दे सकते। इनको ऊपर किया जाना चाहिए।
जतिन, स्थानीय निवासी।
मौका देखकर किया जाएगा समाधान
ऐसी कोई समस्या है, तो एसडीओ को भेजकर मौका देखा जाएगा और इस तरह की कोई समस्या मिलती है, तो तुरंत समाधान किया जाएगा। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए तुरंत प्रभाव से अधिकारियों को जांच के लिए भेजा जाएगा।
एसके सिंह, एसई बिजली निगम जींद।