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अनुसूचित जाति की महिला के साथ मारपीट व छेडख़ानी, पुलिस कार्रवाई से नाराज लोगों ने गांव से किया पलायन, लघुसचिवालय के बाहर जमाया ड

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद।
सदर थाना क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की महिला के साथ मारपीट और छेड़खानी के आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए महिला के परिजनों ने मंगलवार को लघु सचिवालय के बाहर डेरा डाल दिया। परिजनों ने कहा कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, वे लोग गांव नहीं लौटेंगे। इसको लेकर दिन भर पुलिस और पीड़ितों के बीच बातचीत चलती रही। दोपहर बाद पुलिस के लिए जांच अधिकारी को बदल जांच का जिम्मा सफीदों के डीएसपी पवन कुमार को दिया। इसके बावजूद रात तक पीड़ित समर्थक लघु सचिवालय के बाहर डटे रहे।
गौरतलब है कि रविवार रात को महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि रविवार दोपहर बाद करीब चार बजे वह खेत से चारा लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान जब वह गली से निकल रही थी तो गांव के ही एक व्यक्ति ने उसे हथियार के बल पर अपने घर में खींच लिया। यहां आरोपी व्यक्ति व उसकी पत्नी ने उसके साथ मारपीट की। महिला ने घर पहुंचकर पूरा मामला बताया तो यह मामला पुलिस तक पहुंचा। मंगलवार को परिजन प्रदर्शन करते हुए एसएसपी डॉ. अरुण सिंह से मिले। जहां पर एसएसपी ने मामले की जांच के लिए सफीदों के डीएसपी सुनील कुमार के नेतृत्व एसआईटी गठित करके जांच करने के आदेश दे दिए। एसएसपी ने महिला के परिजनों को सुरक्षा देने का आश्वासन देकर गांव में वापस जाने की बात कही, लेकिन परिजन गिरफ्तारी नहीं होने तक गांव में वापस नहीं जाने की बात पर अड़ गए और ज्ञापन सौंपकर वापस फिर से लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने इस मामले में गांव के ही एक दंपति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जबकि महिला ने जिस व्यक्ति पर दुराचार के प्रयास का आरोप लगाया है उसकी पत्नी ने भी धरने पर बैठी महिला के पति पर छेड़छाड़ करने व हमला करने के आरोप लगाए है। दोनों ही पक्षों का महिला थाने में मामला दर्ज होने पर मामला गर्मा गया है और अब इस मामले की जांच एसआईटी ने शुरू कर दी है।
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आरोपियों को बचाने का आरोप
लघु सचिवालय के बाहर धरना दे रहे पीड़ित के परिजनों व अनुसूचित जाति-ए महापंचायत के अध्यक्ष देवीदास वाल्मीकि ने कहा कि पुलिस इस मामले में आरोपियों को बचा रही है। देवीदास के अनुसार जांच अधिकारी बदलने के बाद उन्हें डर है कि कहीं साक्ष्य भी न बदल दिए जाएं। देवीदास वाल्मीकि ने बताया कि जिस समय पुलिस रविवार रात को घटना स्थल पर गई थी। उस समय पुलिस को वहां पीड़ित महिला की टूटी हुई चूड़ियां मिली थी। वहीं महिला के कपड़े फटे हुए थे। अब पुलिस इस मामले में साक्ष्यों को बदल सकती है।

दूसरे पक्ष ने भी लगाया आरोप
दूसरे पक्ष की आरोपी महिला ने भी पुलिस को शिकायत देकर लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठी महिला व उसके पति पर मारपीट करने व छेड़छाड़ करने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता महिला को भी काफी चोट आई हुई हैं और पुलिस ने उस महिला का भी अस्पताल में मेडिकल करवाया है। महिला ने आरोप लगाया कि लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठी महिला व उसका पति उनके घर में घुस गए और उन पर हमला कर दिया। इस दौरान आरोपित व्यक्ति ने उसके साथ छेड़छाड़ की और जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। मामले को दबाने के चलते ही आरोपित महिला ने उसके पति पर दुराचार के प्रयास के आरोप लगाए हैं।
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दोनों ही पक्षों ने छेड़छाड़ व
दोनों ही पक्षों ने छेड़छाड़ के आरोप लगाए है और दोनों ही मामले दर्ज कर लिए है। मामले की असलियत को जाने के लिए सफीदों के डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है और जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अरुण सिंह, एसएसपी।
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