इधर-उधर दफ्तरों में काम कर रहे जींद डिपो के 20 चालक और परिचालाकों को रोडवेज जीएम ने ऑन रूट के आदेश जारी किए थे। शुक्रवार को कर्मचारियों ने काम संभाल लिया। इससे वर्कशॉप में कर्मचारियों की कमी के चलते खड़ी पांच बस भी ऑन रूट हो गई। इससे यात्रियों को भी लाभ मिला। जींद डिपो में कुल 102 बस हैं। इसमें से पांच-छह बस हर रोज मुरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं। इसके साथ-साथ कर्मचारियों की कमी के चलते पांच बसें भी नहीं चल पा रही थी। 20 चालक और परिचालकों के ऑन रूट आने के बाद जहां ये पांच बसें ऑन रूट हो गई। वहीं चालक और परिचालक जो ज्यादातर छुट्टी पर रहते थे उनकी संख्या में कटौती हुई है। वहीं अब दफ्तरों में बैठे चालक व परिचालकों के आने से स्पेयर चालकों को पर्याप्त परिचालक मिल गए। वहीं मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी बसों के ठीक होने पर भी चालक व परिचालकों की कमी नहीं होगी।
20 चालक व परिचालकों के ऑन रूट भेजने का ब्योरा
दरअसल 28 कर्मचारियों को दफ्तरों से हटाकर अपने मूल काम पर भेजा गया है। इसमें से 20 चालक व परिचालकों को ऑनरूट भेजा गया है। चार चालक चालक प्रशिक्षण केंद्र, तीन चालकों को डग ड्यूटी, एक चालक को स्टोर ड्यूटी, दो चालकों को स्टैंड ड्यूटी, एक डीजल पंप, एक डीजल टैंक, दो यार्ड ड्यूटी से हटाकर ऑन रूट भेजा गया है। इसके अलावा दो परिचालकों को कार्य लिपिक, एक स्टैंड ड्यूटी, एक कार्यग्रहण उपराव और पांच परिचालकों को अग्रिम बुकिंग से हटाकर ऑन रूट भेजा गया है। इसके अलावा एक परिचालक को मार्ग ड्यूटी से हटाकर यार्ड रूम में भेजा गया है। तीन को स्टैंड ड्यूटी से हटाकर अग्रिम बुकिंग पर भेजा गया है। एक परिचालक को मार्ग ड्यूटी से हटाकर स्टैंड ड्यूटी पर लगाया गया है।
कर्मचारियों के ऑन रूट होने से मिली राहत
28 कर्मचारियों को विभिन्न जगहों से बदलकर अपने मूल काम पर भेजा है। इसमें 20 चालक व परिचालक हैं। इससे वर्कशॉप में खड़ी पांच बस ऑनरूट हो गई हैं। आठ जुलाई को कर्मचारियों को ऑन रूट के आदेश जारी कर दिए गए थे। अब सभी चालक व परिचालक ऑन रूट हैं। इससे यात्रियों को भी लाभ होगा। -आरएस पूनिया, रोडवेज जीएम जींद।