पांचवें दिन रोडवेज की दो बसें चलीं, एक 45 मिनट बाद ही रास्ते से लौटी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोडवेज कर्मचारियों की पांचवें दिन भी हड़ताल जारी रही। रोडवेज जीएम बस चलवाने की कोशिश में सुबह चार बजे बस स्टैंड पर पहुंचे। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कर्मचारी नहीं होने पर सुबह दो बस ही बस स्टैंड से निकलीं। एक बस पानीपत के लिए व दूसरी हांसी के लिए। हांसी के लिए पांच बजकर 20 मिनट पर निकली बस केवल 45 मिनट में ही वापस बस स्टैंड पर लौट आई। ऐसे में सुबह चार बजे लंबे रूट पर बस नहीं चलने के कारण यात्रियों की समस्या बनी रही। हालांकि दिन में स्कूल बसें और प्राइवेट बसों के चलने से यात्रियों को कुछ राहत मिली। पांच दिन की हड़ताल के कारण रोडवेज विभाग को लगभग 65 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। दिन में भर्ती के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।
सुबह नहीं पहुंचा ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं पहुंचा बस स्टैंड
हड़ताल कर्मचारियों पर नोटिस व गिरफ्तारी के प्रमाण जारी होने के कारण कोई कर्मचारी बस स्टैंड पर नहीं आ रहा है। ऐसे में ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी आलस लेते हुए सुबह चार बजे बस स्टैंड पर नहीं पहुंचे।
दुकानदारों की हुई चांदी
दो दिन से रोडवेज में भर्ती के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है। ऐसे में दुकानदार खुद ही बस स्टैंड के बाहर लोगों को फार्म देने के लिए पहुंचे। दो दिन में भर्ती के लिए फार्म भरे गए हैं।
सुबह निकली बसों में न ही कोई बोर्ड लगा होता, न ही कोई सवारी बैठाई जाती
गौरतलब है कि पांच से रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से विभाग को भारी नुकसान हो रहा है। रोडवेज जीएम हालांकि हड़ताल के दूसरे दिन से 16, 22, तीन व दो बस चलाने का दावा कर रहे हैं। लेकिन न तो बस पर कोई बोर्ड लगा होता, न ही सवारी को बैठाया जाता।
इनेलो के पूर्व युवा जिलाध्यक्ष ने किया हड़ताली रोडवेज कर्मचारियों की मांगों का समर्थन
इनेलो के पूर्व युवा जिला प्रधान अनुराग खटकड़ ने रोडवेज विभाग के कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रही हड़ताल का समर्थन किया। खटकड़ ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। सरकार द्वारा जनता की जान को जोखिम में डालकर नौसखिए चालकों से बस चलवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को हठधर्मिता छोड़कर तुरंत प्रभाव से रोडवेज कर्मचारियों से बातचीत करनी चाहिए।
निजीकरण की नीतियों के खिलाफ और रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में अध्यापकों ने काली पट्टी बांधकर जताया रोष
जींद। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने शनिवार को सरकार द्वारा रोडवेज के निजीकरण के विरोध में काली पट्टियां बांधकर शिक्षण कार्य किया। जिला प्रधान साधु राम ने कहा कि शिक्षा विभाग की सभी यूनियन रोडवेज के समर्थन में आई हैं। इसके चलते सभी शिक्षण संस्थाओं में अध्यापकों ने काली पट्टी बांधकर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को सभी अध्यापक रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में डीसी अमित खत्री को ज्ञापन सौंपेंगे और सरकार ने निजीकरण की नीति को वापिस नहीं लिया तो सभी विभागों के कर्मचारी रोडवेज कर्मचारियों के साथ हड़ताल में शामिल होंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस अवसर पर भूप सिंह वर्मा, संजीव सिंगला, सत्येंद्र कुमार, महेंद्र गौतम, प्रदीप, अमरजीत, रोहताश आसन मौजूद रहे।