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रोडवेज की हड़ताल : बस चलाने के लिए खुद सीट पर बैठे महाप्रबंधक, रोडवेज नेता बोले इसे चलाने के लिए होती है लाइसेंस की जरूरत, बस से

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ड्राइवर की सीट पर खुद बैठे जीएम तो हड़ताली कर्मी बोले, चलाने के लिए चाहिए लाइसेंस, बस से उत गए
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। निजी बस ऑपरेटरों को परमिट देने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने मंगलवार को हड़ताल की। हालांकि सुबह प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में बस चलवाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों की एकता के आगे बात नहीं बनी। इस दौरान रोडवेज महाप्रबंधक आरएस पूनिया ने कर्मचारी नेताओं से पूछा कि यदि नए भर्ती किए गए चालक बस चलाएंगे तो उन्हें रोकेंगे तो नहीं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जो बस चलाना चाहता है, उसे ले जाओ। इस पर एक भी चालक आगे नहीं आया। इस पर महाप्रबंधक खुद सीट पर बैठे, लेकिन कर्मचारियों ने कहा कि जीएम साहब, हैवी लाइसेंस है अक कौना, देखिए कदे चालान कटवाले, चालान काटनीए भी मोड़ पै खड़े हैं।’ कर्मचारियों की यह बात सुनकर जीएम बस से उतर गए।
रोडवेज कर्मचारियों ने सुबह चार बजे रोडवेज वर्कशॉप के बाहर इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह चार बजे से चलने वाली कोई गाड़ी नहीं चली। रोडवेज जीएम मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से बस चलाने के लिए कहा मगर कोई तैयार नहीं हुआ। कर्मचारियों ने कहा जो कर्मचारी बस चलाना चाहे चला सकता है। हम उन्हें नहीं रोकें। जब जीएम ने प्रोबिशन पीरियड पर काम करने वाले कर्मचारियों से बस चलाने के लिए कहा तो वे तैयार नहीं हुए। इसके बाद जीएम वर्कशॉप में गए और बैठे कर्मचारी से बस चलाने के लिए कहा तो उसने भी मना कर दिया। इसके बाद जीएम ने खुद बस चलाने का प्रयास किया। इसके बाद जीएम कर्मचारियों के पास गए और हड़ताल छोड़कर बस चलाने के लिए कहा पर वे तैयार नहीं हुए।
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रोडवेज विभाग को हुआ 15 लाख का नुकसान
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के पहले दिन एक भी बस नहीं चली। ऐसे में रोडवेज विभाग को एक दिन में 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। रोडवेज विभाग में 185 बसे हैं जो बंद रहीं। जींद रोडवेज विभाग में 871 कर्मचारी काम करते हैं जिसमें से 823 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। एक दिन में लगभग 22 हजार यात्री सफर करते हैं। ऐसे में रोडवेज विभाग की हड़ताल के कारण यात्रियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा।
पलवल में करता हूं जॉब, हड़ताल के कारण हुआ लेट
मैं पलवल में एक निजी कंपनी में जॉब करता हूं। रोडवेज की हड़ताल का पता नहीं था। सुबह पलवल जाने के लिए बस स्टैंड पर आया तो हड़ताल मिली। इसके कारण ऑफिस जाने में देरी होगी।
त्रिलोक, यात्री।
निजी बस में करना पड़ेगा सफर
छात्र रोहित ने कहा कि वह नरवाना आईटीआई में पढ़ता है। रोडवेज की हड़ताल के कारण उसे निजी बस में नरवाना जाना पड़ेगा। जिससे उसे समय की भी हानि होगी और निजी बस में किराया भी देना पड़ेगा जबकि उसने रोडवेज विभाग से पास बनवाया हुआ है।
30 नई बस आई तो कै होग्या, 50 कंडम भी तो होली
जब रोडवेज जीएम कर्मचारियों को हड़ताल छोड़कर चलाने के लिए समझाने लगे कि प्रदेश सरकार ने विभाग के लिए 30 नई बसें दी हैं तो रोडवेज कर्मचारी बोले साहब के होगा 30 नई बस आगी तो 50 कंडम भी तो पड़ी हैं। उनको कोण ठीक करवाएगा। वर्कशॅाप में बस ठीक करनिया भी तो हो कोई।
हवा निकालने पर एसडीएम ने रोडवेेज कर्मचारी को लगाई फटकार
सुबह चार बजे से रोडवेज कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। ऐसे में जब बस स्टैंड पर एसडीएम वीरेंद्र सहरावत, तहसीलदार प्रवीण कुमार व रोडवेज जीएम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात थे तो कुछ रोडवेज कर्मचारियों ने बस की हवा निकालने का प्रयास किया। इस पर एसडीएम ने रोडवेज कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर वह शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करना चाहते हैं तो सही है, वरना रोडवेज विभाग को हानि पहुंचाने वाली गतिविधियां सहन नहीं होगी।
छात्र संगठन पहुंचे रोडवेज को समर्थन देने
अप्रत्यक्ष चुनाव का विरोध कर रहे छात्र संगठन भी सुबह चार बजे रोडवेज विभाग की हड़ताल का समर्थन करने पहुंचे। छात्र संगठन के सदस्य सागर, विनोद, दीपक व राकेश ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की जायज मांगें हैं। प्रदेश सरकार को उन्हें पूरा कर देना चाहिए।
प्राइवेट बसों की हुई चांदी
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते प्राइवेट बसों की चांदी हुई। सुबह से रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे मेें सुबह जब प्राइवेट बसे चली तो यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर बस की छत पर बैठकर जाना पड़ा।
सुबह साढ़े छह बजे चली रोहतक के लिए पहली प्राइवेट बस
यात्रियों को रोडवेज हड़ताल की सूचना नहीं होने पर जब सुबह बस स्टैंड पर पहुंचे तो उन्हें अपने निर्धारित स्थान पर जाने के लिए बसें नहीं मिलीं। ऐसे में यात्रियों ने बस स्टैंड के बाहर खड़े होकर प्राइवेट बसों का इंतजार किया। सुबह साढ़े छह बजे रोहतक के लिए प्राइवेट बस चली।
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सफीदों चक्का जाम के बावजूद चली रोडवेज की एक बस
सफीदों। रोडवेज यूनियन के नेताओं व कर्मचारियों द्वारा भले ही चक्का जाम किया गया, लेकिन उनके दावे उस समय फीके होते दिखाई दिए जब सफीदों रोडवेज डिपो से एक बस सवारियों को भरकर पानीपत के लिए रवाना हो गई। सुबह 11:45 पर बस नंबर एचआर 56-0594 का ड्राइवर प्रदीप व कंडक्टर सुनील कुमार बस पानीपत ले जाने के लिए राजी हो गए। सीआईडी ने सफीदों प्रशासन व पुलिस को तुरंत सूचित किया। सूचना पाकर प्रशासन ने इस बस को सुरक्षा मुहैया करवाई। यह बस स्टैंड पर आकर लग गई और सवारियों को भरकर चंद मिनटों में पानीपत के लिए रवाना हो गई। कंडक्टर सुनील कुमार ने कहा कि वह अपनी मर्जी से इस बस को चलाकर ले आए हैं। उन्होंने बताया कि इस बस ने अपने निर्धारित सभी रूट को पूरा किया है।
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