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ींद की जिला शिक्षा अधिकारी विजल लक्ष्मी औरमहानिदेशक स्वास्थ्य सेवा हरियाणा को राज्य जनसूचना अधिकारी ने लगाया 25 हजार रूपये का जु

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद। जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत समय पर जानकारी नहीं देने के चलते राज्य जन सूचना अधिकारी ने जींद की जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) विजय लक्ष्मी तथा निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा को 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
आरटीआई कार्यकर्ता अशोक कुमार ने डीईओ से सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत 18 जुलाई 2017 को कुछ विषयों पर सूचना मांगी थी। जन सूचना अधिकारी ने प्रार्थी को कोई सूचना उपलब्ध नहीं करवाई गई। इसके बाद उन्होंने 27 सितम्बर 2017 को प्रथम अपील लगाई, इसके बाद भी कोई सूचना नहीं मिली। 12 दिसम्बर 2017 को द्वितीय अपील राज्य जन सूचना आयोग हरियाणा को की और 28 मार्च 2018 को इस मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान भी डीईओ ने संबंधित जन सूचना अधिकारी ने राज्य जन सूचना आयोग में कोई सूचना उपलब्ध नहीं करवाई। 15 मई 2018 को प्रार्थी को आयोग में दोबारा बुलाया गया। जहां डीईओ द्वारा कोई सूचना नहीं देने पर राज्य जन सूचना आयोग की अधिकारी डॉ. रेखा ने डीईओ विजय लक्ष्मी पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
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इसी तरह निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा द्वारा लंबे समय तक सूचना नहीं देने के चलते निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाने का नोटिस जारी किया है। आयोग ने 28 मई को जारी आदेश में निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा और उसी कार्यालय के राज्य जन सूचना अधिकारी को समय पर सूचना नहीं देने पर कड़ी फटकार लगाते हुए तीन सप्ताह में प्रार्थी को पूर्ण सूचना उपलब्ध करवाते हुए 28 अगस्त 2018 को राज्य सूचना आयोग के कार्यालय में भी तलब किया है।
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जानकारी के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कालोनी जींद निवासी आरटीआई कार्यकर्ता राममेहर वर्मा ने गत वर्ष 28 अगस्त को महानिदेशक स्वास्थ्य विभाग के पंचकूला कार्यालय में आवेदन देकर एसएमआई, एसएलटी व एयूओ के पदों पर पदोन्नति नहीं करने के कारणों की जानकारी मांगी थी। समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं करवाने के चलते प्रार्थी ने तीन अक्तूबर 2017 को निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा के पास प्रथम अपील दायर की। प्रथम अपील अधिकारी द्वारा कोई सुनवाई नहीं करने पर राममेहर ने 27 नवम्बर 2017 को राज्य सूचना आयोग में अपील की, जिस पर राज्य जन सूचना आयुक्त अरुण सांगवान की अदालत ने संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को नोटिस भेजकर 25000 रुपये जुर्माना लगाया।
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