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सरसों की सरकारी खरीद को लेकर किसानों के समर्थन में खाप पंचायतें

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद। जिले की मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद को लेकर खाप पंचायतें समर्थन में आ गई है। जहां प्रदेशभर के 11 जिलों में सरसों की सरकारी खरीद हो रही है, लेकिन जींद में सरसों की सरकारी खरीद नहीं होने किसानों में काफी नाराजगी है, किसान सरसों की फसल 3200 से 3600 भाव में बेचने पर मजबूर है, वहीं सरकारी खरीद चार हजार रुपये है। जिसका फायदा जींद के किसानों को नहीं मिल पा रहा है।
खाप पंचायतों के राष्ट्रीय संयोजक टेकराम कंडेला व माजरा खाप के प्रधान महेंद्र सिंह रेठाल ने बताया कि सरकार लगातार किसानों के साथ धोखा कर रही है। महेंद्र सिंह रेठाल ने कहा कि सरकार सरसों की फसल को बिचौलियों के साथ मिलकर लुट रही है, इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक तरफ जहां सरकार किसानों की आय बढ़ाने की बात कर रही है, जबकि किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। सरकार से मांग की जल्द से जल्द किसानों को फसल की उपज का 50 प्रतिशत मुनाफा दे, नहीं सरकार के खिलाफ खापे रणनिति बनाने को मजबूर होगी। वहीं टेकराम कंडेला ने कहा कि प्रदेशभर के 11 जिलों में सरसों की सरकारी खरीद हो रही है, लेकिन जींद की मंडी को सरकारी खरीद दायरे बाहर रखा जा रहा है, जिससे किसान सरकार से काफी परेशान है, किसानों को 3200 से 3400 में सरसों की फसल बेचने को मजबूर है, जबकि सरकारी खरीद चार हजार रुपये है, सरकार से कंडेला खाप मांग करती है, जल्द से जल्द सरकारी खरीद को जींद में भी लागू की जाए नहीं तो खाप पंचायतें किसानों के साथ सड़कों पर उतरने पर मजबूर होगी।
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सरसों की सरकारी खरीद की मांग के लिए किसानों ने दिया धरना
जींद। सरसों की सरकारी खरीद की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा ने रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी धरना दिया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान आजाद सिंह ने की। आजाद सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के साथ भेदभाव कर रही है। किसानों के लिए प्रदेशभर में सरसों की फसल कर समर्थन मूल्य चार हजार रुपये क्विंटल किया है, लेकिन जींद में सरसों की सरकारी खरीद नहीं हो रही। इससे किसानों को सरसों की फसल का उचित भाव नहीं मिल रहा आजाद सिंह ने बताया कि किसानों को सरसों की फसल का भाव 3200 से 3600 रुपये मिल रहा है, जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार किसानों को सरकारी बजट में राहत देने की बात करती है, लेकिन अभी तक किसानों के साथ अन्याय ही हुआ है। अगर सरकार ने जल्द ही मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन करने पर मजबूर होगी।
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प्रदेशभर के सभी जिलों में होगी सरसों की सरकारी खरीद
प्रदेशभर में जल्द ही सरसों की सरकारी खरीद की जाएगी। अभी सरसों की फसल मंडियों में आनी शुरू हुई है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, उन्हें उनकी फसल का उचित भाव दिया जाएगा।
कैप्टन अभिमन्यु, वित्त मंत्री हरियाणा।
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