फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाट बहुल गांवों के बाहर तैनात है फोर्स

विज्ञापन
विज्ञापन
मलिक को मनाने के बाद भी सशंकित है सरकार
विज्ञापन


दिलीप चतुर्वेदी
जींद।
जींद में वीरवार को होने वाली अमित शाह की रैली से पहले जाट नेता यशपाल मलिक को मना लेने के बाद भी सरकार सशंकित है। शाह की रैली में कोई व्यवधान न हो, इसलिए जींद के आस-पास जितने भी जाट बहुल गांव हैं उनमें से ज्यादातर से निकलने वाले लिंक रोडों पर फोर्स तैनात कर दी गई है। यही नहीं, शहर के मुख्य चौराहों और बाईपास पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
जाट आंदोलन में कानून व्यवस्था की बुरी तरह धज्जियां उड़ गई थीं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जींद रैली का जाट नेता यशपाल मलिक द्वारा विरोध करने की घोषणा के बाद एक बार फिर से प्रदेश आशंकित था। हालांकि अंत में सरकार यशपाल मलिक को मनाने में कामयाब हो गई, लेकिन सरकार कोई रिस्क लेने की स्थिति में नहीं है। इसका एक कारण इनेलो नेता अभय चौटाला और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर द्वारा भी विरोध करने का एलान करना है।
विज्ञापन

रोहतक से जींद के रास्ते में आने वाले गांव गुसाईं खेड़ा, किनाना, गतौली, बराइखेड़ा, किशनपुरा, सामलोखरा, अनूपगढ़, कैथल के रास्ते में नगूरा और किठाना जाट बहुल गांव हैं। इन गांवों से जो रास्ता मुख्य सड़क पर आता है वहां पर फोर्स तैनात कर दी गई है। यही नहीं, रोहतक बाईपास और गोहाना बाईपास पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती है। जींद शहर के सभी मुख्य मार्गों पर या पुलिस और अर्धसैनिक बल की तैनाती है। रैली स्थल की ओर जाने वाले रास्ते पर नाके लगाए गए हैं।
विज्ञापन


शादियों में नहीं गए लोग
जींद में वीरवार को हो रही अमित शाह की रैली पर जींद ही नहीं पूरे प्रदेश की निगाह लगी हुई हैं। यशपाल मलिक द्वारा शुरुआत में ही विरोध का एलान कर देने से जहां सरकार परेशान हो गई थी, वहीं प्रदेश के लोग भी आशंकित हो गए थे। लोगों को आशंका थी कि इससे जाट नेता और भाजपा के बीच टकराव होगा और प्रदेश का माहौल खराब होगा। हालांकि मलिक को मनाने में भाजपा कामयाब हो गई, लेकिन लोगों के मन से भय अभी दूर नहीं हुआ है। नरवाना के रहने वाले देवेंद्र सिंह सुरजेवाला ने बताया कि उन्हें 15 फरवरी को नरवाना होते हुए कैथल शादी में जाना था। लेकिन इस आशंका के कारण उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया कि कहीं 15 को माहौल खराब न हो जाए और वह परेशानी में पड़ जाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें