प्रशासन सब कुछ ठीक होने का कर रहा दावा, कुत्ते नोच रहे हैं गायों के शव
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सड़कों से हटाकर गायों और नंदियों को सुरक्षित ठिकाना देने के लिए भले ही जयंती देवी मंदिर के पास नंदीशाला बना दी है। लेकिन यहां गायों की जमकर बेकद्री हो रही है। अब यहां से गुजरने वाले लोग भी इसे नंदीशाला नहीं बुचड़खाना कहने लगे हैं। अस्थाई नंदीशाला में सरेआम कुत्ते मृत और लाचार गायों को नोच रहे हैं। और प्रशासन सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहा है। लोगों का कहना है कि अधिकतर गायों की मौत तो यहां चारा नहीं मिलने के कारण हो रही हैं।
बेशक जयंती देवी मंदिर के सामने बनी अस्थाई नंदीशाला में रखे गए गोवंश के लिए लोग खुलकर दान दे रहे हों, लेकिन प्रशासन की लापरवाही की वजह से यहां गोवंश तिल-तिल कर मर रहा है। अस्थाई नंदीशाला में पड़ी कई गायों व सांडों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वह उठ भी नहीं पा रहे हैं। उनकी इसी लाचारी का फायदा कुत्ते और अन्य मांसाहारी जानवर उठा रहे हैं। सबसे ज्यादा शिकार गायों व छोटे बछड़ों हो होना पड़ रहा है। बीमार होने के कारण यह पशु कुत्तों के आगे निढाल हो रहे हैं। यहां अव्यवस्था का आलम यह है कि कई गोवंश को तो कुत्तों ने नोच-नोच कर सिर और धड़ को अलग कर दिया है। यहां तैनात कर्मचारियों का कहना है कि अस्थाई नंदीशाला की चारदीवारी नहीं होने के कारण कुत्ते अंदर आ रहे हैं। क्षेत्र बड़ा होने के कारण कर्मचारी कुत्तों को रोक भी नही पा रहे हैं।
योजना पूरी तरह से फेल
अस्थाई नंदीशाला मे गोवंश रखने की योजना पूरी तरह से फेल है। यहां हर रोज विभिन्न कारणों से गोवंश की मौत हो रही है। इसके लिए शहर के लोग चंदा दे रहे हैं, लेकिन जब तक सरकार इसकी व्यवस्था नहीं करती तब तक कुछ नही हो सकता। सरकार इस अस्थाई नंदीशाला की सुध ले और इनके रख रखाव के लिए पैसा जारी करें।
संतलाला चुघ, उपप्रधान अस्थाई नंदीशाला
चारों तरफ टीन लगाने का फैसला
अन्ना टीम के सदस्य व अस्थायी नंदीशाला को देख रहे सुनील वशिष्ठ ने कहा कि लोगों के दान व सहयोग से यह अस्थायी नंदीशाला चल रही है, लेकिन कुछ दिनों से कुत्तों के अंदर आकर पशुओं को खाने के मामले सामने आ रहे हैं। इस बारे में गत दिवस बैठक हुई थी, जिसमें चारों तरफ टीन लगाने का फैसला हुआ है। उसके बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी।
नहीं मिल रहा लोगों का सहयोग
पशुपालन विभाग की टीम यहां हर वक्त तैनात है और हर संभव पशुओं का इलाज करने का प्रयास करते हैं। इसमें समाज का पूरा सहयोग नहीं मिलने के कारण दिक्कत आ रही हैं। पशुपालन विभाग की टीम पूरा समय वहां रहती है और काम करती है। कुत्तों द्वारा गोवंश को नौंचने के मामले संज्ञान में आए हैं, इसका इंतजाम किया जा रहा है।
डॉ.आरएस मलिक, पशुपालन उप निदेशक।