जींद। कंडेला गांव में सामाजिक सुधार के लिए मंगलवार को गांव के लोगों की पंचायत हुई। इस दौरा सरपंच अजमेर सिंह भी मौजूद रहे। पंचायत में गांव के लोगों ने सात प्रस्ताव पास किए। इसमें अवैध शराब बेचने व डीजे बजाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया। आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर भारी भरकम जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
सरपंच अजमेर सिंह की अध्यक्षता में हुई पंचायत में तय किया गया कि गांव में डीजे बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। इसका उल्लंघन करने वाले वाले को 21 हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा। यदि इसके बाद व्यक्ति उल्लंघन करता है तो 31 हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा। गांव की फिरनी के अंदर शराब का खुर्दा (अवैध दुकान) नहीं चलेगा। खुर्दा चलाने वाले पर 21 हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा। दोबारा भी यदि वही व्यक्ति ऐसा करता पाया जाता है तो 31 हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा। साथ ही लोगों ने तय किया कि मृत्युभोज पूरी तरह से बंद किया जाएगा। हालांकि अपने घर में आने वाले रिश्तेदारों को भोजन करवा सकता है। यदि कोई व्यक्ति मृत्यु भोज पर गांव के लोगों को निमंत्रण देता है तो उस पर पांच हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा। शादी समारोह में हथियार लेकर आने वाले पर भी एक लाख रुपये जुर्माना किया जाएगा।
गौरतलब है कि शादियों में फायरिंग से कई बार बड़े हादसे हो जाते हैं। करीब दो महीने पहले ही दालवाला गांव में हर्ष फायरिंग के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई थी। पंचायत में गांव की फिरनी के अंदर ट्रैक्टर पर डीजे बजाता है तो उसे पांच हजार रुपये जुर्माना होगा। दूसरी बार डीजे बजाते मिलता है तो जुर्माना 11 हजार रुपये होगा। पंचायत में फैसला लिया गया कि गांव में कोई भी फेरीवाला लाउड स्पीकर लगाकर सामान नहीं बेचेगा। इस फैसले का उल्लंघन करने पर 1100 रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। गांव में कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाई गई है। पंचायत ने साफ किया है कि यदि कोई ऐसा करते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करवाई जाएगी।
गांव में सौहार्द बनाने का प्रयास
गांव में सौहार्द बनाने का प्रयास किया गया है। यह सभी फैसले पूरे गांव के लोगों की सहमति से हुए हैं। भविष्य में यदि लोगों की तरफ से इसमें कोई सुधार करने की बात सामने आएगी तो इसको भी देखा जाएगा। पंचायत का प्रयास है कि गांव में भाईचार बना रहे।
अजमेर सिंह, सरपंच, कंडेला।
पंचायत पूरी तरह से सक्षम
पंचायतों को अपने गांव में व्यवस्था बनाने के लिए इस प्रकार की पहल करने का पूरा अधिकार है। गांव की पंचायत ने यह बहुत अच्छा किया है। दूसरे गांवों को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए। हां डीजे के मामले में मुझे लगता है कि यह खुशी का मौका होता है, लेकिन इसके नाम पर अश्लीलता बहुत हो रही है और इससे भाईचारा बिगड़ रहा है। ऐसे में पंचायत का फैसला अच्छा है। हर्ष फायरिंग आ बहुत बड़ा मुद्दा हो गया है। लोगों की जान जा रही हैं। पंचायत ने अच्छी पहल की है। गांव के लोगों को भी चाहिए कि इन फैसलों को लागू करें। इससे अच्छे समाज का निर्माण होगा। कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए जिस प्रकार पंचायत ने पहल की है, यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। सभी गांवों की पंचायतों को इस प्रकार का काम करना चाहिए।
जयवंती श्योकंद, सेवानिवृत्त आईएएस।