नरवाना से रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शुरू की थी राजनीति
अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। रणदीप सिंह सुरजेवाला का जन्म 3 जून 1967 को हुआ। प्राइमरी शिक्षा उन्होंने आदर्श स्कूल से ली। उन्होंने दसवीं शहर के आर्य स्कूल से पास की। उसके बाद डीएवी चंडीगढ़ से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री ली। बाद में विधि स्नातक और राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री ली।
उनके पिता चौधरी शमशेर सिंह सुरजेवाला के राज्यसभा में चले जाने के बाद रिक्त हुई नरवाना की सीट पर 1993 में उपचुनाव हुआ था। रणदीप सिंह सुरजेवाला को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया। इनेलो प्रमुख उस समय कहीं से विधायक नहीं थे। दोनों का आमना-सामना उपचुनाव में हुआ। कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद भी सुरजेवाला को हार का सामना करना पड़ा। 1996 में आम चुनाव हुआ जिसमें रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हविपा प्रत्याशी जयप्रकाश और ओमप्रकाश चौटाला को हराकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। उसके बाद 2000 में हुए चुनाव में रणदीप चौटाला से मात्र दो हजार मतों से हार गए। इस मुकाबले से सोनिया गांधी बड़ी प्रभावित हुई और उनके युवक कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। 2005 में उन्होंने मौजूदा मुख्यमंत्री ओम प्रकाश को हराकर रिकार्ड कायम किया। इसके बाद नरवाना हलका अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया। वह कैथल चले गए। कैथल से उन्होंने दो चुनाव लड़े और दोनों में जीत हासिल की। सुरजेवाला की आज हाईकमान में अच्छी पैठ है और कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में जान फूंकने के लिए आगे किया है।