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लड़कियों की अंडर 17 प्रदेश स्तरीय कबड्डी टीम के चयन पर रार, रात साढ़े दस बजे डीसी कैंप ऑफिस पहुंची खिलाड़ी

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टीम में चयन नहीं होने पर रात साढ़े दस बजे डीसी कैंप ऑफिस पहुंची लड़कियां
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एक ओर हरियाणा प्रदेश के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल की झड़ी लगा रहे हैं तो दूसरी ओर जिला स्तरीय खिलाड़ी राजनीति का शिकार हो रहे हैं। इसके चलते जींद जिला की अंडर-17 आयु वर्ग महिला टीम पर रार छिड़ गई है। हालांकि टीम का चयन हो चुका है, लेकिन जिला स्तरीय प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर आने वाली टीम के कोच का कहना है कि उनकी टीम से पांच खिलाड़ियों का चयन होना चाहिए। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टीम में खिलाड़ियों का चयन विजेता टीम व प्रतियोगिता के दौरान मौजूद अधिकारी अपने विवेक के आधार पर दूसरी टीम से खिलाड़ी का चयन कर सकते हैं।
जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता 30-31 अगस्त को हुई थी। इस दौरान अंडर-17 लड़कियों की नेशनल स्टाइल कबड्डी प्रतियोगिता होली हर्ट स्कूल में हुई। इसमें उचाना व पिल्लूखेड़ा की टीम के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया। उचाना ब्लॉक की टीम विजयी रही। अब पिल्लूखेड़ा ब्लॉक की टीम के कोच जगबीर सिंह का दावा है कि मैच पांच मिनट पहले समाप्त करवाया गया। तब उचाना की टीम पिल्लूखेड़ा से आठ अंक आगे थी। इस दौरान उचाना की टीम की तरफ से प्रस्ताव आया कि मैच को पांच मिनट पहले ही समाप्त कर देते हैं और राज्य स्तर पर जाने वाली टीम में उचाना के सात व पिल्लूखेड़ा के पांच खिलाड़ियों को शामिल कर लिया जाएगा, लेकिन अब पिल्लूखेड़ा ब्लॉक की टीम से खिलाड़ियों को शामिल नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर टीम की खिलाड़ी रात करीब साढ़े दस बजे डीसी कैंप ऑफिस भी पहुंचीं।
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पांच खिलाड़ियों को शामिल करने की मांग
पिल्लूखेड़ा की टीम में सभी खिलाड़ी लुदाना गांव की हैं और उचाना ब्लॉक की टीम में खिलाड़ी खटकड़ गांव की हैं। अब पिल्लूखेड़ा ब्लॉक के खिलाड़ी कह रहे हैं कि उनकी टीम से पांच खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया जाए। इसको लेकर रविवार को दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
खिलाड़ियों से मांगे गए दस्तावेज
पिल्लूखेड़ा ब्लॉक की टीम के कोच जगबीर सिंह का कहना है कि उनकी टीम के पांच खिलाड़ियों के दस्तावेज मांगे गए थे, ताकि उनको जिला स्तरीय टीम में शामिल किया जा सके। इसको लेकर अधिकारियों से बातचीत भी होती रही, लेकिन सोमवार को पानीपत जाने वाली टीम को जब शनिवार को किट दी जा रही थी तो उनकी टीम के खिलाड़ियों को किट नहीं दी गई।
रात को डीसी कैंप ऑफिस पहुंचीं एईओ
जिस समय लड़कियां डीसी कैंप ऑफिस पहुंचीं तो डीसी ऑफिस के कर्मचारियों ने सहायक शिक्षा अधिकारी (खेल) को मौके पर बुलाया। इस मामले का समाधान करने के लिए कहा। इसके बाद रविवार को यह मामला जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचा, लेकिन यहां अधिकारियों ने साफ कर दिया कि वही टीम स्टेट में खेलेगी, जिसने जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
खिलाड़ियों का चयन पहले ही हो चुका है, किट लेने के लिए कार्यालय आए खिलाड़ी : एईओ
एईओ यशवंती दलाल ने कहा कि खिलाड़ियों का चयन पहले ही हो चुका है। खिलाड़ी सिर्फ खेलने के लिए अपनी किट लेने आए थे। अभी दो खिलाड़ियों को प्रदेश स्तरीय टीम के लिए चुना गया है। किसी कारण वश उनको किट नहीं मिल पाई थी। जिसके कारण वह आज नहीं जा सके। खिलाड़ियों को किट दे दी गई है। अब वह पानीपत के लिए रवाना हो चुके हैं।
पांच खिलाड़ी जाएंगे खेलने नहीं तो एक भी नहीं जाएगा
जगबीर कोच ने कहा कि लुधाना की पांच खिलाड़ियों का प्रदेश स्तरीय टीम में खेलने के लिए सहमति बनी थी। एईओ ने दो खिलाड़ियों पर सहमति जताई है। सोनीपत अगर पांचों खिलाड़ियों को भेजा जाएगा तो जाएंगे नहीं तो एक भी खिलाड़ी नहीं जाएंगी।
अच्छा खेलकर भी हुई निराशा
हमने अच्छा खेल खेला, लेकिन मैच पूरा होने से पहले ही बंद करवा दिया गया। हमें बताया गया था कि टीम की पांच लड़कियां राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खेलेंगी, लेकिन अब नहीं खिलाया जा रहा है। इससे निराशा है।
माफी
अधिकारियों की राजनीति का शिकार
खिलाड़ी का काम सिर्फ खेल होता है। यहां अधिकारियों की राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। इससे खिलाड़ी निराश हैं और इसका असर अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर भी असर पड़ता है।
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रामभतेरी।
मिलना चाहिए मौका
हमारी टीम दूसरे स्थान पर रही है। इससे साफ है कि टीम की कुछ खिलाड़ी बहुत अच्छा खेल रही हैं। वहीं मैच भी पूरा नहीं हुआ था। बिना मैच पूरा किए ही हार-जीत का फैसला कर लिया गया है। यह धोखा है। हमें मौका मिलना चाहिए।
अंशु।
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