अमर उजाला ब्यूरो
जींद। चिकित्सकों के टोटे के कारण खुद बीमार चल रहे नागरिक अस्पताल को कुछ राहत मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। हरियाणा सरकार ने दो दिन पहले जारी चिकित्सकों की ट्रांसफर लिस्ट में तीन चिकित्सकों को जींद भेजा है। यदि यह चिकित्सक जींद में ज्वाइन कर लेते हैं तो नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं कुछ बेहतर हो जाएंगी। इससे पहले भी सरकार ने एक लिस्ट जारी कर दो चिकित्सकों को जींद भेजा था, जिनमें से एक ने ज्वाइन नहीं किया। 55 चिकित्सकों में से नागरिक अस्पताल में महज 18 ही सेवाएं दे रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि जींद में एमडी मेडिसन (फिजीशियन) का पद भी खाली है। फिलहाल नागरिक अस्पताल में केवल दंत विभाग में ही पूरे चिकित्सक मौजूद हैं।
शहर की आबादी लगभग चार लाख पहुंच चुकी है। इतनी आबादी के हिसाब से नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी है। नागरिक अस्पताल में 55 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से फिलहाल 18 ही चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। तीन चिकित्सक लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन लगभग एक हजार मरीज अपना इलाज कराने आते हैं। इतने मरीजों को देखने के लिए चिकित्सकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। केवल दंत विभाग में ही आराम से मरीज देखे जाते हैं बाकी विभागों में मरीजों को जल्दी-जल्दी देखा जाता है। इसे केवल खानापूर्ति ही कहा जा सकता है। नागरिक अस्पताल की फिजीशियन ओपीडी में इलाज की यह खानापूर्ति हर रोज होती है। प्रतिदिन इस विभाग में 600 के लगभग मरीज आते हैं। अस्पताल में कोई फिजीशियन मौजूद नहीं है। इस कारण दो एमबीबीएस डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हैं। एक चिकित्सक 300 मरीजों को देखता है, इस कारण मरीज के साथ केवल खानापूर्ति ही होती है। इसके साथ-साथ अस्पताल में न तो स्किन स्पेशलिस्ट है और न ही हड्डी रोग विशेषज्ञ। इस कारण यहां आने वाले मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस कारण यहां आने वाले मरीजों को दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है। जरा सी हालत गंभीर होते ही यहां से मरीज को रेफर कर दिया जाता है।
एमपीएचडब्ल्यू मेल के पूरे पद ही नहीं स्वीकृत
जिले की आबादी के अनुसार बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी (एमपीएचडब्ल्यू) मेल 190 पद स्वीकृत होने चाहिएं, लेकिन अभी तक 152 पद ही स्वीकृत हैं। 152 में से भी 130 पदों पर ही कर्मचारी तैनात हैं, जबकि 22 पद खाली हैं। यदि जनसंख्या के अनुसार देखा जाए तो रिक्त पदों की संख्या 60 हो जाती है।
200 बेड का हुआ अस्पताल स्टाफ 100 का भी नहीं
कहने को तो जींद का जिला अस्पताल 200 बेड का हो गया है, लेकिन यहां सुविधाएं 100 बेड की भी नहीं हैं। यहां तैनात स्टाफ के स्वीकृत पद भी फिलहाल 100 बेड के अनुसार ही हैं और वे भी पूरी तरह से भरे नहीं हैं। जिले में फीजिशियन चिकित्सक सिर्फ एक है, वह भी जुलाना सीएचसी में तैनात है। ओर्थो का भी जिले के चार नागरिक अस्पतालों पर एक ही चिकित्सक है, वह भी लंबे इंतजार के बाद कुछ दिन पहले ही नागरिक अस्पताल जींद में तैनात हुए हैं। इसके अलावा एमडी गायनी की भी स्थायी नियुक्ति नहीं है।
केवल दंत विभाग में ही चिकित्सक पूरे
नागरिक अस्पताल में सबसे ज्यादा ओपीडी दंत विभाग में आती हैं। दंत विभाग का स्टाफ पूरा है। यहां तीन दंत चिकित्सक, एक दंत विशेषज्ञ मौजूद है। पहले यहां दंत सर्जन का पद खाली था। अभी 30 मई को दंत सर्जन डॉ. पारुल शर्मा ने ज्वाइन किया है। इससे दंत विभाग का स्टाफ पूरा हो चुका है।
जींद में भेजा रेडियोथेरेपिस्ट, नहीं कोई जरूरत
हरियाणा सरकार ने दो दिन पहले चिकित्सकों की ट्रांसफर लिस्ट में जींद को रेडियोथेरेपी चिकित्सक डॉ. आशुतोष कुमार को भेजा है जबकि इस चिकित्सक की यहां कोई जरूरत नहीं है और न ही यहां इसका विभाग है। रेडियोथेरेपी कैंसर के मरीजों की थेरेपी के लिए होता है जबकि जींद के नागरिक अस्पताल में कैंसर से संबंधित न तो विभाग है और न ही यहां कैंसर के मरीजों के उपचार की कोई सुविधा।
नई लिस्ट में मिले हड्डी व नेत्र रोग विशेषज्ञ
सरकार ने जो ट्रांसफर लिस्ट जारी की है, उसके हिसाब से जींद के नागरिक अस्पताल को हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. संतलाल बेनीवाल व नेत्र रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. विकास बंसल को भेजा है। यदि यह चिकित्सक जींद में ज्वाइन कर लेते हैं तो इन दोनों विभागों में विशेषज्ञों की कमी पूरी हो जाएगी और नागरिक अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं कुछ पटरी पर लौटेंगी। ट्रांसफर लिस्ट दो दिन पहले जारी हो चुकी है लेकिन फिलहाल किसी भी चिकित्सक ने ज्वाइन नहीं किया है।
इन विभागों में नहीं विशेषज्ञ
नागरिक अस्पताल में फिलहाल हड्डी रोग विशेषज्ञ लंबे समय से नहीं है। इसी प्रकार एमडी मेडिसन (फिजीशियन) का पद भी काफी समय से खाली है। स्किन स्पेशलिस्ट के रूप में अब तक नागरिक अस्पताल को कोई चिकित्सक नहीं मिला। ईएनटी विभाग में सर्जन का पद भी खाली हो चुका है। इसी प्रकार रेडियोलॉजिस्ट का पद भी लंबे समय से खाली है। मनोरोग विशेषज्ञ भी नागरिक अस्पताल को आज तक नहीं मिला है। गायनोकोलाजिस्ट का पद भी काफी समय से खाली है। यह कार्य कांट्रेक्ट बेस पर लगी एक महिला चिकित्सक से करवाया जा रहा है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन ओपीडी
प्रतिदिन आने वाले नए मरीज 1000
प्रतिदिन पुराने मरीज 320
बीपीएल मरीज 40
गायनी वार्ड में मरीज 120
कुछ राहत तो जरूर मिलेगी
चिकित्सकों की नई ट्रांसफर सूची में जींद के नागरिक अस्पताल को तीन नए चिकित्सक मिलेंगे। इससे कुछ राहत जरूर मिलेगी। सरकार से सभी पदों को भरने की डिमांड भेजी जा चुकी है। धीरे-धीरे अस्पताल में चिकित्सकों की कमी दूर हो जाएगी। इसके बावजूद मौजूदा चिकित्सकों से ही लोगों को बेहतर इलाज मुहैया करवाया जा रहा है।
-डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन, जींद।