अमर उजाला ब्यूरो
जींद/नरवाना । समाज में महिलाओं को पुरुषों के बराबर कम दर्जा दिया जाता है, लेकिन आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे है। चाहे वह खेल का मैदान हो, शिक्षा क्षेत्र की बात हो या फिर खेती का काम हो, क्षेत्र में महिलाएं अपना लोहा मनवा रही है।
बता दें कि मौजूदा सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है। फिलहाल महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चल रही है, और देश व अपने माता-पिता नाम रोशन कर रही हैं।
महिलाओं के लिए बन रहीं प्रेरणा
हरियाणा के ग्रामीण आंचल में जहां बहुओं के लिए आज भी घूंघट हटाना अपराध माना जाता है। इसके बिल्कुल विपरीत नरवाना के बेलरखां गांव की बहू सुमन स्वयं ट्रैक्टर चलाकर अपनी खेती करती है । सुमन की यह बात महिलाओं में चर्चा का विषय है। सुमन का पति सतीश आर्मी में देश की सेवा कर रहे हैं, और वह ट्रैक्टर से खेत जोतकर अपने परिवार का भरण पोषण कर महिलाओं को आगे बढ़ने को प्रेरित कर रही हैं। उनके पास केवल दो एकड़ जमीन है। इसके बावजूद वह बेहतर पैदावार करती हैं।
अनीता ने किया 30 बार रक्तदान
जहां समाज में महिलाएं रक्तदान करने के लिए आगे नहीं आती। इसके विपरीत नरवाना की अनीता को रक्तदान करने का जुनून है। 32 वर्षीय अनीता अब तक कि 30 बार रक्तदान कर चुकी हैं। वह अन्य महिलाओं को रक्तदान करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि शुरू में उन्हें रक्तदान करने में झिझक थी, लेकिन अब वह तीन माह का समय पूरा होने का इंतजार करती हैं ताकि फिर से रक्तदान करके किसी की जान बचाई जा सके ।
अनीता।