पार्षदों ने कहा कि, चेयरमैन के पति ने स्वीकारी है पार्षदों की खरीद-फरोख्त की बात, हो कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जिला परिषद की राजनीति में चेयरमैन पदमा सिंगला और विरोधी पार्षदों के बीच चल रही खींचतान के बीच 14 विरोधी पार्षदों व उनके प्रतिनिधियों ने डूमरखां गांव में केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह से मुलाकात की। इस दौरान पार्षदों 24 जनवरी को हुई मीटिंग की वैद्यता पर सवाल उठाते हुए जिला परिषद के डिप्टी सीईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं पार्षदों ने कहा कि चेयरमैन पदमा सिंगला के पति विनोद सिंगला खुद एक पार्षद की खरीद फरोख्त की बात स्वीकार चुके हैं। ऐसे में चेयरमैन के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि 24 जनवरी को जिला परिषद की मीटिंग के दौरान उस वक्त समीकरण बदल गए थे, जब इनेलो के सांसद व विधायकों ने मीटिंग में पहुंचकर जिला परिषद चेयरमैन पदमा सिंगला का समर्थन कर दिया। ऐसे में विरोध कर रहे पार्षद अलग-थलग पड़ गए। अब पदमा सिंगला के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पार्षदों ने राजनीतिक गोटियां फिट करनी शुरू कर दी हैं।
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पार्षदों ने दिया नियम का हवाला
इस दौरान जिला परिषद के चेयरमैन उमेद रेढू ने कहा कि जिला परिषद की नियमावली के नियम 134 के भाग दो व तीन में साफ लिखा गया है कि डिप्टी सीईओ की मौजूदगी में होने वाली मीटिंग वैध नहीं होगी। हां यदि सीईओ लिखित में उन्हें इसके लिए नियुक्त करें तो मीटिंग वैध हो सकती है, लेकिन यहां डिप्टी सीईओ ने बिना सीईओ की अनुमति के मीटिंग की है। ऐसे में नियमानुसार डिप्टी सीईओ के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
चेयरमैन के खिलाफ भी हो कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह से मुलाकात के दौरान पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों ने कहा कि 24 जनवरी को चेयरमैन पदमा सिंलगा के पति विनोद सिंगला ने खुद स्वीकारा कि एक पार्षद को वोट दिलवाने के लिए विधायक प्रेमलता ने उसने पैसे लिए। इससे भ्रष्टाचार का मामला बनता है। ऐसे में चेयरमैन को भी पद पर रहने का अधिकार नहीं है।
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डिप्टी सीईओ द्वारा करवाई गई मीटिंग पर साफ नहीं हुई स्थिति
एक ओर जहां डिप्टी सीईओ द्वारा करवाई गई मीटिंग पर घमासान हो रहा है, वहीं जिला परिषद के अधिकारी अभी तक भी इस पर स्थिति साफ नहीं कर पाए हैं। जिला परिषद के सीईओ मनदीप कुमार के अनुसार इसके लिए मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा गया था, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।
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यूं हुआ विवाद
दरअसल जिला परिषद के सीईओ मनदीप कुमार ने 24 जनवरी को जिला परिषद की सामान्य बैठक बुलाई थी, लेकिन मीटिंग से पहले वे अन्य काम से बाहर चले गए। इस पर विरोधी पार्षदों ने मीटिंग रद्द करने का दबाव प्रशासन पर बनाया, लेकिन यह मीटिंग सांसद दुष्यंत चौटाला, चरणजीत सिंह रोड़ी, विधायक परमेंद्र सिंह ढुल, डॉ. हरिचंद मिढ़ा व पिरथी नंबरदार की मौजूदगी में डिप्टी सीईओ ने मीटिंग करवाई। इस पर चेयरमैन पदमा सिंगला के विरोधी पार्षद मीटिंग की वैद्यता पर सवाल उठा रहे हैं।