विद्यालय भवनों के बाहरी क्षेत्रों में तत्काल लगाएं सीसीटीवी कैमरे
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एडीसी धीरेंद्र खड़गटा ने जिले में निजी और सरकारी स्कूलों से जुड़े अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि विद्यालय भवनों के भीतरी परिसर के साथ-साथ भवन के बाहरी क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने चाहिए ताकि बाहरी क्षेत्र में होने वाली किसी भी घटना की सही जानकारी मिल सके। एडीसी ने कहा कि इस प्रकार के कैमरे लगने से बच्चों को उठाने जैसी घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा।
एडीसी ने कहा कि अगले शिक्षा सत्र से बच्चों की मार्क्स शीट को आधार नंबर से जोड़ा जाएगा। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी का आधार कार्ड बनवाना जरूरी है। इसके लिए जागरूकता शिविर भी लगाए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि बच्चों का आधार कार्ड अंकतालिका के साथ जोड़ने की हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की इस योजना को अगले सत्र से पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सत्यवती, डिप्टी डीईओ विजय लक्ष्मी, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियन्ता नवनीत कुमार, डीएसपी पवन कुमार, प्राइवेट स्कूल एसोसियेशन के प्रधान नरेश बराड़ मौजूद रहे।
बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों पर कसेगा शिकंजा
एडीसी ने कहा कि निजी क्षेत्र में कोई भी प्राइवेट स्कूल बिना मान्यता लिये नहीं चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संबंधित एसडीएम के नेतृत्व में संबंधित डीएसपी, व खंड शिक्षा अधिकारी को साथ लेकर ऐसे बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर छापामारी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा एकेडमी के नाम पर स्कूलों में बच्चों को प्रवेश दिलवा दिया जाता है। कई बार मान्यता प्राप्त किसी बड़े स्कूल में बच्चों का प्रवेश दिखा दिया जाता है, जबकि बच्चे बिना मान्यता प्राप्त छोटे स्कूल में पढ़ते है। ऐसे स्कूलों पर शिंकजा कसा जाएगा। इसको लेकर एडीसी ने अधिकारियों को शीघ्र छापमारी अभियान चलाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी एकेडमी अथवा स्कूल को बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। ऐसे बिना मान्यता लिये अवैध रूप से चलने वाले स्कूलों की पहचान की जाएगी और छापेमारी के बाद ऐसे स्कूल कैम्पस सील कर दिए जाएंगे।
जुगाड़ वाहन में कतई स्कूल न भेजे अभिभावक
एडीसी ने बैठक में कहा कि स्कूल भवनों में आगजनी जैसी किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए स्कूल प्रबंधन के पास पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विशेषकर निजी स्कूलों में बच्चों को लाने व ले जाने के काम में किसी प्रकार के जुगाड़ वाहन का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिए कि वह अभिभावकों को भी सचेत करे कि अपने बच्चों को जुगाड़ वाहन में कतई नहीं भेजें।
बच्चों के स्वास्थ्य की करवाएं जांच
एडीसी ने कहा कि सरकारी स्कूलों की तरह निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जांच करवाने के लिए कैंप लगवाए जाने चाहिए। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए विशेष बोर्ड बनाया है। इस टीम में शामिल चिकित्सक नियमित रूप से स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर उनके स्वास्थ्य कार्ड बनाते हैं।