जींद। जिला परिषद की ग्रांट से होने वाले विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए तीन जिला पार्षदों ने एक बार फिर चेयरमैन पदमा सिंगला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने गांधीगिरी दिखाते हुए 11 अक्तूबर से लघु सचिवालय के सामने अनशन करने का निर्णय लिया है।
पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में जिला पार्षद अमित निडानी, सतपाल संगतपुरा व राजेंद्र धमतान ने कहा कि अब तक जिले में तीन करोड़ की ग्रांट लग चुकी है। लेकिन जिले के 222 गांवों में एक भी पैसा नहीं लगाया है। इसके चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में अपने हक की मांग करते हुए जिला पार्षद भूख हड़ताल शुरू करेंगे। इस दौरान पार्षद अमित निडानी और सतपाल संगतपुरा दोनों अनशन करेंगे। पार्षद सतपाल संगतपुरा ने कहा की डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर अब तक उनके वार्डों के एक भी विकास कार्य नहीं हुए हैं। जिला पार्षद विकास बूराडहैर ने भी पार्षदों का समर्थन करने का ऐलान किया है।
चेयरमैन के खिलाफ आ चुका है अविश्वास प्रस्ताव
बता दें कि इससे पहले भी कुछ पार्षदों ने लामबंद होकर चेयरमैन पदमा सिंगला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन इसमें पदमा सिंगला ने बहुमत साबित कर दिया था। इसके बाद से ही विरोधी खेमे के पार्षद ज्यादा आक्रामक हो गए हैं।
विकास में रूचि नहीं ले रहे पार्षद
जो पार्षद अनशन की बात कर रहे हैं, वे विकास में रूचि ही नहीं ले रहे हैं। बार-बार मांगे जाने के बाद भी उन्होंने अपने वार्ड में विकास कार्यों के प्रस्ताव नहीं दिए। सभी आरोप बेबुनियाद हैं। कुछ लोग सिर्फ चर्चाओं में रहने के लिए हथकंडे अपना रहे हैं।
पदमा सिंगला, चेयरमैन, जिला परिषद, जींद।
फोटो नंबर
07जेएनडी08: आंदोलन की जानकारी देते जिला पार्षद।