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पहली ही परीक्षा में शून्य पर रुकी सर्वजन पार्टी
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। राजनीति में अपनी नींव डालने की तैयारी कर रही सर्वजन पार्टी पहली ही परीक्षा में शून्य पर आकर रुक गई है। रविवार को जींद के सेक्टर नौ में पार्टी द्वारा प्रदेश स्तरीय सम्मेलन रखा। इसके लिए तामझाम लगाया गया और पंडाल में चार हजार लोगों के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई, लेकिन आयोजन में महज 83 लोग ही पहुंच पाए। इस पर पार्टी के अध्यक्ष और सम्मेलन के मुख्यातिथि रोशन लाल आर्य ने कहा कि प्रशासन और सरकार के दबाव के कारण लो नहीं पहुंच पाए।
सेक्टर नौ में सम्मेलन के लिए सुबह साढ़े दस बजे का समय कार्यकर्ताओं को दिया गया था, लेकिन दोपहर बाद एक बजे तक भी यहां महज 83 लोग ही पहुंचे। इसके बाद करीब सवा एक बजे पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य पहुंचे और सम्मेलन में लोगों की संख्या को देखकर सन्न रह गए। इसके बाद यहां बुलाए गए कलाकारों ने गाना शुरू किया, लेकिन रोशन लाल आर्य ने उन्हें बीच में रोक कर ही अपना संबोधन शुरू कर दिया।
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कुर्सियों को एक घंटे तक सुनाया भाषण
सम्मेलन में सिर्फ रोशन लाल आर्य ने भाषण दिया। इस दौरान भले ही लोगों की संख्या नहीं रही, लेकिन फिर भी उन्होंने एक घंटे तक संबोधित किया। आर्य ने पूर्व की सभी सरकारों के साथ-साथ वर्तमान सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते खुद को देवीलाल से बड़ा नेता स्थापित करने के लिए जाट आरक्षण की मांग उठवाई। वहीं वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए आर्य ने कहा कि मनोहर लाल खट्टर के शासनकाल में तीन-तीन बार प्रदेश में अराजकता फैली और लोगों को मरवाया गया है।


कम संख्या पर बोले
आर्य ने कहा कि उन्होंने और सर्वजन पार्टी ने प्रदेश में बदलाव के लिए अभियान चलाया है, लेकिन लोगों की संख्या कम आई। आर्य ने कहा कि यह ठीक उसी प्रकार की स्थिति है, जैसी श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराते समय लोगों की संख्या कम होती है।


अग्रिम भुगतान के बिना नहीं मिला पानी
सम्मेलन के मंच से पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य ने कहा कि यहां लोगों को राजनेताओं पर विश्वास नहीं बचा है। उन्हें भी पानी की बोतल तक देने से पहले पैसे लिए गए।


सम्मेलन की टेगलाइन में 35 बिरादरी
सम्मेलन की टेगलाइन में लिखा गया है कि ‘आजादी की दूसरी लड़ाई-मिल कर जीतेंगे 35 भाई।’ ऐसे में लोग मजाक में कह भी रहे थे कि रोशन लाल आर्य ने तो 35 ही भाई बुलाए थे, फिर भी संख्या दोगुनी हो गई।
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गन्ने के जूस वाले भी रोए
प्रदेश स्तरीय सम्मेलन की सूचना पर सम्मेलन स्थल के पास करीब दो दर्जन गन्ने के जूस की रेहड़ी लगाने वाले पहुंचे, लेकिन यहां काम नहीं होने पर उन पर भी मायूसी छाई रही। इन लोगों ने बताया कि कार्यक्रम के चलते उन्होंने गन्ना भी अधिक लिया है और अपने ठिकाने छोडक़र यहां आए हैं, लेकिन यहां भी काम नहीं चला। एक दिन की दिहाड़ी खत्म हो गई।
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