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फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है दुर्जनपुर का उप स्वास्थ्य केंद्र

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सिर्फ एक फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है स्वास्थ्य केंद्र
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उचाना। दस गांवों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के लिए दस साल पहले बनाया गया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार पड़ा है। लोगों के लिए यहां न तो चिकित्सक है और न ही टेस्ट की सुविधा। महज एक फार्मासिस्ट के सहारे प्रथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है। दुर्जनपुर पीएचसी केंद्र इन दिनों फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है।
सिर्फ दो ही दिन मरीजों की जांच कर पाते हैं डॉक्टर
यहां पर कार्यरत डॉक्टर की डेपुटेशन जींद नागरिक अस्पताल में होने के चलते वो सप्ताह में दो दिन ही यहां पर आ पाते हैं। ऐसे में यहां पर उपचार करवाने आने वाले मरीजों के जांच का जिम्मा यहां पर कार्यरत फार्मासिस्ट पर है। यहां पर जो लैब है वहां पर कार्यरत कर्मचारी भी कई महीनों से छुट्टी पर है। ऐसे में तमाम जांच भी यहां पर नहीं हो पा रही हैं।
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क्या है ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि जब यहां पर उप स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है तो यहां स्वीकृत पदों पर नियुक्ति की जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाएं यहां पर आने वाले मरीजों को मिल सकें। पीएचसी के अधीन 10 गांव आते हैं। यहां की आबादी 38 हजार है। ग्रामीणों की मांग पर 2009 में उप स्वास्थ्य केंद्र शुरू हो गया था। दांतों के डॉक्टर का पद भी यहां पर रिक्त है। यहां पर स्वीकृत चार नर्सों के पदों में से दो पद रिक्त है।
महिला डॉक्टर की भी नहीं है तैनाती
यहां पर कोई महिला डॉक्टर भी नहीं है। करोड़ों रुपये यहां पर उप स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग ने खर्च किए है, लेकिन पद रिक्त होने के चलते इसका कोई फायदा दुर्जनपुर गांव सहित दस गांवें के ग्रामीणों को नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर न तो डॉक्टर मिलते है न ही गर्भवती महिलाओं के लिए आयरन, कैलशियम की गोलियां मिलती हैं।
दस साल पहले शुरू हुए करोड़ों रुपये की लागत से बने उप स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी के चलते कोई फायदा नहीं हो रहा है। यहां पर महिला डॉक्टर न होने के चलते महिलाओं को उचाना, जींद, नरवाना जाना पड़ रहा है। उप स्वास्थ्य केंद्र होने के चलते यहां पर एंबुलेंस की मांग भी वो कर चुके है। अस्पताल में जाने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं है। कच्चे रास्ते से होकर जाना पड़ रहा है। बारिश के समय तो कच्चे रास्ते में कीचड़ होने के चलते अस्पताल में जा तक नहीं सकते है।
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अधिकारियों को भेजी गई है रिपोर्ट
दुर्जनपुर में कार्यरत चिकित्सक की ड्यूटी जींद सिविल अस्पताल में लगी है। लैब में कार्यरत कर्मचारी अवकाश पर था, जो ड्यूटी पर आ गया है। रिक्त पदों की सूचना अधिकारियों को भेजी गई है।
- डॉ. सुशील गर्ग, कार्यकारी एमओ, नागरिक अस्पताल, उचाना।
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