अब प्रति एकड़ आठ क्विंटल होगी सरसों की खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। सरसों बेचने के लिए आने वाले किसानों को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखकर प्रशासन ने कुछ कदम उठाए हैं। किसानों की समस्या को कम करने के लिए सरकार ने निर्णय लिया है कि सरसों खरीद की तय की गई मात्रा को बढ़ाया जाएगा। सरसों खरीद के ग्यारह दिन बाद सरकार ने पहले खरीदी जा रही छह की जगह आठ क्विंटल सरसों को खरीदने का निर्णय लिया है। इससे छोटे किसानों को तो कुछ हद तक फायदा मिलेगा और अधिकतम सरसों की खरीद सीमा पहले की तरह 25 क्विंटल तक ही रहेगी। सरकार के सरसों खरीद के इन नियमों को बदलवाने के लिए भारतीय किसान सभा ने भी सरकार को चेतावनी देते हुए खरीद की मात्रा को बढ़ाने की मांग की थी।
किसान बलदेवा, सुखबीर, कुलदीप, बलवान ने कहा कि प्रति एकड़ सरसों की खरीद को आठ क्विंटल तक किए जाने से छोटे किसानों को राहत मिली है। पहले अगर किसी किसान ने दो एकड़ में सरसों की खेती की है तो उसकी 13 क्विंटल सरसों ही खरीदी जा रही थी, मगर अब 16 क्विंटल खरीदी जाएगी। इस नियम को 10 क्विंटल तक सरकार को करना चाहिए था। इस बार सरसों की बंपर फसल हुई है। जिन किसानों ने पंजीकरण करवाया है उन्हें 4200 रुपये प्रति क्विंटल दाम मिल रहा है। फसल को लेकर प्रति एकड़ निर्धारित करने से जो फसल अधिक होती है उसको फिर प्राइवेट बोली पर बेचना पड़ता है।
हैफेड मैनेजर अशोक सिहाग ने कहा कि अधिकतम खरीद का नियम 25 क्विंटल तक ही है। जो प्रति एकड़ साढ़े छह क्विंटल था उसको आठ क्विंटल करने के आदेश जारी किए गए हैं। अब नए नियमों पर सरसों की खरीद होगी। जिन किसानों ने मेरी फसल, मेरा ब्योरा पर पंजीकरण करवाया है, उनकी फसल को सरकारी दुकान पर हैफेड खरीद रहा है।