महिला आयोग में सिविल सर्जन पर प्रताड़ित करने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। खरकरामजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात हेल्थ काउंसलर कमलेश ने हरियाणा महिला आयोग में शिकायत करते हुए सिविल सर्जन पर उन्हें प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। अपनी शिकायत में कमलेश ने कहा कि सिविल सर्जन ने उन्हें 27 दिसंबर को एक शो कॉज नोटिस जारी किया है, जिसमें साफ-साफ धमकी भरे शब्द लिखे गए हैं। कमलेश ने कहा कि यह सब सिविल सर्जन ने उनके पति राजबीर बेरवाल द्वारा सिविल सर्जन की खामियों को उजागर करने के विरोध में दुर्भावना से किया है। हेल्थ काउंसलर ने कहा कि उनके पति राजबीर बेरवाल नागरिक अस्पताल में नेत्र चिकित्सा सहायक के रूप में कार्यरत थे। उनका तबादला भी सिविल सर्जन ने झूठे आरोप लगाकर मेवात में करवा दिया। तबादले से पहले उनके पति ने तीन अप्रैल 2018 को सिविल सर्जन कार्यालय से जींद में मेडिकल फिटनेस के नियमों की जानकारी मांगी थी। जानकारी में सामने आया कि सिविल सर्जन नियमों के विरुद्ध जाकर जनता का उत्पीड़न कर रहे हैं। इस मामले को जनहित में उजागर करने के कारण ही सिविल सर्जन उनके पति राजबीर बेरवाल से रंजिश रखने लगे और उनको देख लेने की धमकी भी देने लगे। शिकायत में कमलेश ने कहा कि तभी से सिविल सर्जन उनसे रंजिश रखने लगे और उनको 27 दिसंबर को नोटिस जारी करते हुए साफ कहा कि सर्विस बाय लॉज अनुबंधित कर्मचारी हरियाणा 2018 के तहत बिंदु नंबर 21-बी व आपके अनुबंध की शर्त नंबर छह के अनुसार आप सेवा से बर्खास्त किए जाने की पात्र हैं। सिविल सर्जन द्वारा जारी नोटिस में यह भी साफ-साफ कहा गया है कि यदि निर्धारित समय में आप अपना पक्ष नहीं रखती हैं तो यह समझा जाएगा कि आपको इस मामले में कुछ भी नहीं कहना है और नियमानुसार तुरंत प्रभाव से आपकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। कमलेश ने कहा कि इस शो कॉज नोटिस से उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।
कमलेश को जो नोटिस दिया गया है, वह नियमों के अनुसार ही जारी किया गया है। नागरिक अस्पताल में इस प्रकार के मामलों को देखने के लिए कमेटी नियुक्त है। अगर ऐसा नोटिस दिया गया है तो यह कमेटी ने ही दिया होगा। किसी व्यक्ति के साथ कोई दुर्भावना नहीं रखती जाती। सब कार्य नियमों के अनुसार ही होते हैं। जो कुछ आरोप लगाए जा रहे हैं, वह सब बेबुनियाद हैं। कानून से बढ़कर कोई नहीं है।
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन