सभी कॉलेजों की अपनी एक अलग पहचान होती है और थोड़ी बहुत कमजोरी भी। उच्चतर शिक्षा विभाग नए सत्र से प्रयास टीम के माध्यम से इन्हीं थोड़ी बहुत कमजोरियों को दूर करने का प्रयास करेगा। पहले कॉलेज अपने आप अपनी रेंटिंग बताएगा। जिसके बाद प्रयास की टीम कॉलेज का निरीक्षण कर बताएंगी कि कॉलेज की कितनी रेटिंग है। सरकार की ओर से प्रयास को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य दिल्ली कॉलेजों की तर्ज पर सभी कॉलेजों को एक्सीलेंट की तरह तैयार करना है।
प्रयास एक ऐसा उपकरण है जिसमें उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता सुधार के लिए एक ढांचा है। जो जिले के सभी कॉलेजों पर निरंतर निगरानी रखेगा। इसमें पता चलेगा कि कॉलेज की अपनी क्या स्थिति है, उसमें कैसे सुधार किया जा सकता है। इसके साथ ही कॉलेज की अपनी पहचान बनाने के लिए शिक्षण संस्थानों में सुधार लाना है। उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेजों में सुधार के लिए हर जोन में नोडल अधिकारी जल्द चुना जाएगा। नोडल अधिकारी की टीम ही जोन के सभी कॉलेजों की समस्याओं को दूर करेगी।
कॉलेजों की इस प्रकार होगी रेंटिग
1. शैक्षिणक गुणवत्ता 150 अंक
2. पहचान व पढ़ाने की गुणवत्ता 200 अंक
3. रिसर्च गुणवत्ता और प्रभाव 150 अंक
4. सहयोग 50 अंक
5. मानव संसाधन 40 अंक
6. रोजगार 100 अंक
7. आधारिक संरचना 150 अंक
8. समावेशिता, प्रतिनिधित्व, विविधता 50 अंक
9. सहायता सेवा और तेज 40 अंक
10. सामाजिक प्रभाव 20 अंक
11. प्रशासन और प्रबंधन 50 अंक
कॉलेजों का होगा मूल्यांकन
उच्चतर शिक्षा विभाग नए सत्र से प्रयास शुरू करने जा रहा है। जिसमें कॉलेजों का मूल्यांकन होगा। इसके लिए कॉलेज पहले अपनी रेटिंग बताएगा, फिर प्रयास टीम कॉलेजों की रेटिंग कर नंबर देगी। प्रयास से सभी कॉलेजों में गुणवत्ता व सुधार होगा।
शील दहिया, प्राचार्य राजकीय पीजी कॉलेज जींद।