अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बिटानी गांव के जलघर के टैंकों के सूखने से ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस जलघर से बिटानी और कलावती गांवों को पेयजल सप्लाई दी जा रही है। बिटानी गांव की जनसंख्या लगभग पांच हजार और कलावती की जनसंख्या दो हजार के आस-पास है। बिटानी गांव के कुड़ा, रविंद्र और कलावती गांव के सरपंच तेज सिंह नेहरा ने बताया कि इन टैंकों को सूखे हुए अधिक दिन हो चुके हैं। इस जलघर में पानी के लिए दो टैंक बनाए गए हैं। यह टैंक कुछ ही दिन में खाली हो जाते हैं। वहीं कलावती और बिटानी गांव के पास से भी पाइप लाइन टूटी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने जो पानी के टैंक बनवाए हैं, वह छोटे होने के कारण गांवों को पूरा पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है। ग्रामीणों ने कहा कि विभाग को बड़े-बड़े टैंकों का निर्माण करवाना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को पूरा पानी मिल सके। वहीं इस जलघर की चहारदीवारी भी कई वर्षों से टूटी हुई है। इससे आवारा पशु जलघर में घुस जाते हैं और पौधों आदि को नुकसान पहुंचाते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या के हल के लिए गुहार लगाई है।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ शमशेह सिंह ढांडा ने कहा कि जलघर में पानी के दो टैंक बने हुए हैं। इसमें एक टैंक की जमीन मेें ही लिकेज बनी हुई है जिस कारण टैंक का पानी जमीन में चला जाता है। इसके लिए टैंक के रिपेयर का एस्टीमेट बनाकर भेजा हुआ है। पाइप लाइनों के टूटे होने पर एसडीओ ने कहा कि इनकी जल्दी ही रिपेयर करवा दी जाएगी।
भाजपा के जिला मीडिया सहप्रभारी रणबीर बिटानी ने कहा कि सरकार ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्याओं को हल करने में लगी हुई है। सफीदों के कई गांवों में जलघर बन रहे हैं। इसमें कलावती गांव में 38 लाख से सबमर्सिबल ट्यूबवेल लग रहा है। इससे ग्रामीणों की पेयजल समस्या का हल होगा।