अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
सोमवती अमावस्या के मौके पर सोमवार को गांव पिंडारा के पिंडतार्क तीर्थ में ठंड के बीच हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इस मौके पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए देश के कोने-कोने से आए लोगों ने पिंडदान किए। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से यहां पुख्ता इंतजाम किए थे। पूरा मेला सीसीटीवी कैमरे की नजर में था। प्रशासन ने वाहनों की अलग से पार्किंग व्यवस्था की थी और बैरीकेट्स लगाकर मेले के अंदर जाने से वाहनों को रोका गया था।
बताते चलें कि प्रत्येक महीने को अमावस्या के मौके पर पांडु पिंडारा के पिंडतार्क तीर्थ पर हजारों की संख्या में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने आते हैं। यदि अमावस्या सोमवार को हो तो यहां पिंडदान का और अधिक महत्व बढ़ जाता है। पिंडारा में रविवार को ही श्रद्धालु आने शुरू हो गए थे। ठंड के बावजूद यहां तीर्थ स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं में कोई कमी नहीं आई। पिछली सोमवती अमावस्या को जितनी संख्या में श्रद्धालु यहां आते थे, ठंड के बावजूद उतनी ही संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दिल्ली के उत्तम नगर से पहुंचे राजेश ने बताया कि श्रद्धा के आगे ठंड के कोई मायने नहीं हैं। अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए वह रात को ही दिल्ली से चले थे और सुबह पिंडारा पहुंच गए थे।
पुलिस बल रहा तैनात
सुरक्षा की दृष्टि से मेेले में पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हुए थे। रविवार को दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा। एसएसपी डॉ. अरुण सिंह ने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की थी। रात को भी डीएसपी कप्तान सिंह ने मेला स्थल पर आश्रम संचालकों, वालंटियरों तथा अन्य समाज सेवी लोगों की बैठक ली थी। मेले में पांच डीएसपी, आठ इंस्पेक्टर तथा पुलिस की चार कंपनियां तैनात की थी। इसके साथ-साथ एक कंपनी महिला पुलिस की भी तैनात की गई थी। मेला स्थल पर पुलिस ने एक अस्थाई चौकी भी खोली थी। इसके अलावा पुलिस की एक नाव तीर्थ में गश्त करती रही। इस नाव में पुलिस कर्मचारियों के साथ-साथ गोताखोर भी तैनात रहे। लगातार मेला स्थल पर पुलिस गश्त करती रही।