सावधान! डिलीवरी वार्ड में घूम रहे आवारा कुत्ते, सरकारी सिस्टम के नीचे दबी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। यदि आप इलाज के लिए नागरिक अस्पताल आ रहे हैं तो सावधान हो जाइए। यहां से आप कोई गंभीर बीमारी साथ लेकर भी जा सकते हैं। कारण है अस्पताल में लावारिस कुत्तों का जमावड़ा। हालांकि कुत्तों को लेकर पहले भी नागरिक अस्पताल प्रशासन की फजीहत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं।
हैरानी की बात है कि लावारिस कुत्ते नागरिक अस्पताल के महिला वार्ड में अपना ठिकाना बनाए हुए हैं। यहां कुत्ते बेरोक टोक लेबर रूम से लेकर अस्वस्थ शिशुओं को रखने के लिए बने विशेष वार्ड तक भी इनकी पहुंच है। वहीं डिलीवरी के बाद जहां जच्चा और बच्चा को रखा जाता है, उस वार्ड में भी कुत्ते आराम से घूम रहे हैं। कहने को तो यहां डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी है, लेकिन यह सब सरकारी सिस्टम के नीचे दब चुका है।
दर्जन भर कुत्तों का जमावड़ा
अस्पताल परिसर में दर्जन भर कुत्तों का जमावड़ा है। इससे यहां आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को जहां कुत्ते के काटने का डर रहता है, वहीं इससे संक्रमण का खतरा भी बना रहता है।
पहले हुई घटना में शव को नोच चुके हैं कुत्ते
नागरिक अस्पताल में इससे पहले कुत्तों द्वारा शवगृह में रखे शव को नोचने का मामला भी सामने आ चुका है। इसमें नागरिक अस्पताल प्रबंधन की काफी फजीहत भी हुई, लेकिन इसके बावजूद यहां व्यवस्थाएं नहीं सुधर रही हैं।
खतरनाक हो सकता है संक्रमण
चिकित्सकों की मानें तो अस्पताल में वैसे ही कुत्ते का संक्रमण बहुत खतरनाक हो सकता है। कुत्तों का महिला वार्ड में होना बहुत ही खतरनाक है। इससे महिलाओं को डिलीवरी के समय संक्रमण हो सकता है। वहीं जन्म लेने वाले बच्चे की जान को भी खतरा हो सकता है।
महिला वार्ड में आधा दर्जन कुत्ते
हालांकि अस्पताल परिसर में काफी सारे कुत्ते घूमते हैं, लेकिन इनमें से सात से आठ कुत्ते महिला वार्ड में हैं। यह कुत्ते महिला वार्ड से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट में भी मूंह मारते रहते हैं, जो गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं।
बच्चों से खेलते रहते हैं कुत्ते
महिला वार्ड में आने वाले छोटे बच्चों के साथ कुत्ते सरेआम खेलते रहते हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इससे लगता है कि अस्पताल के अधिकारियों को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
महिलाएं बोली, लगता है डर
डिलीवरी के बाद अपनी बहु और पौत्र के साथ वार्ड में शिफ्ट होने वाली दयावंती ने बताया कि यहां कुत्तों का हर समय जमावड़ा रहता है। इससे डर लगता है। बच्चे पर हर समय ध्यान रखना पड़ता है। हो सकता है कोई कुत्ता बच्चे को नुकसान नहीं पहुंचा दे। इसको लेकर यहां तैनात स्टाफ को भी कहा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
करेंगे इंतजाम
यह मामला संज्ञान में नहीं है। महिला वार्ड में इस प्रकार कुत्तों का जाना बहुत ही गंभीर बात है। अस्पताल से कुत्तों को निकालने का इंतजाम किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि महिला वार्ड या इसके आसपास कोई कुत्ता नहीं पहुंच पाए।
डॉ. अनिल बिरला, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल जींद।