बिजली निगम ने बिल जमा न करने पर उखाड़े 7489 मीटर
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बिजली बिल निपटान योजना के अंतिम चार दिन बचे हैं । प्रदेश के अन्य जिलों में यह योजना पूर्ण रूप से बंद हो चुकी है। जींद में उपचुनाव होने के चलते इसके 15 दिन यहां के डिफाल्टर उपभोक्ताओं को दिए गए थे। इस योजना का लाभ अब तक लगभग 93000 लोगों ने उठाया है। इस योजना का लाभ नहीं लेने वाले 7489 लोगों के निगम की टीम ने मीटर उखाड़े हैं। अब जिले में बिजली निगम के लगभग 19400 डिफाल्टर बचे हुए हैं। इनकी तरफ निगम का 2.38 करोड़ रुपये बकाया है। डिफाल्टर उपभोक्ताओं के लिए बचे हुए चार दिन बिल जमा करवाने का सुनहरा अवसर है। अगर 15 तक बकाया बिल जमा नहीं किया तो इन लोगों को बकाया संपूर्ण बिल जमा करवाना होगा और निगम इनके मीटरों को उखाड़ने का काम करेगा।
इस योजना के तहत अब तक बिजली निगम को लगभग 37.76 करोड़ रुपये की राशि मिली है। इनका कुल 726 करोड़ रुपये माफ हुआ है। निगम के मीटर उखाड़ो अभियान के बाद जिले में लगभग 3500 लोगों ने बकाया बिल जमा करवाकर दोबारा से मीटर लगवाने का आवेदन भी किया है। मीटर उखाड़ने के लिए बिजली निगम ने 48 टीम बनाई हैं। प्रत्येक टीम में चार बिजली निगम और दो पुलिस के कर्मचारी शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा मीटर जींद सर्कल में 4340, नरवाना में 2446 और सबसे कम 703 मीटर सफीदों सर्कल में उखाड़े गए हैं।
यह है योजना
इस योजना के तहत पांच किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को छूट मिली है। इनमें एक किलोवाट के डिफाल्टर उपभोक्ता को वर्ष में 1440 रुपये, दो किलोवाट के उपभोक्ता को 2880 रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से देना होगा। पांच किलोवाट के उपभोक्ता को 7200 रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से देने होंगे। उपभोक्ता अपने बिलों की यह राशि किस्तों में भी जमा करवा सकता है। जो उपभोक्ता किस्तों में राशि जमा करवाएगा बिजली निगम उस उपभोक्ता को अंतिम किस्त में नो ड्यूज देने का काम करेगा।
अब तक की सबसे बेहतर योजना, जिलावासी उठाए लाभ
प्रदेश सरकार ने बिजली निगम के उपभोक्ताओं को अब तक की सबसे अच्छी बिजली बिल निपटान योजना दी है। जिले में 93 हजार से ज्यादा लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया है। चार दिन बाद उन लोगों को निपटान योजना का कोई लाभ नहीं मिलेगा जिन्होंने बिल नहीं जमा किया या जिनके मीटर उखाड़ दिए जाएंगे। जिन उपभोक्ताओं के पास एक साथ बकाया बिल जमा करवाने के पैसे नहीं है। वह इस योजना के तहत अपनी किस्त बनवा सकता है।
-- श्यामबीर सैनी एसई बिजली निगम जींद।