एचटेट : दूसरे दिन भी रोडवेज नहीं कर पाया बसों का पुख्ता इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रविवार को एचटेट की लेवल दो की परीक्षा दो चरणों में ली गई। लेवल-दो टीएचटी परीक्षा सुबह 10 से साढ़े 12 बजे तक हुई तो लेवल-एक प्राइमरी की परीक्षा तीन से साढ़े चार बजे तक हुई। रविवार को दोनों चरणों के लिए 14 परीक्षा केंद्रों पर आठ हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा देने पहुंचे। इस दौरान रोडवेज परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए खास प्रबंध नहीं कर पाया। इसके चलते परीक्षार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के लिए पांच और छह जनवरी को प्रदेशभर में एचटेट की परीक्षा ली गई। परीक्षा को लेकर जींद में 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जींद में अन्य जिलों में भी परीक्षार्थियों को परीक्षा देने जाना था। इसके चलते रविवार सुबह चार बजे से ही परीक्षार्थियों की भीड़ बस स्टैंड पर उमड़ पड़ी थी, लेकिन रोडवेज परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए स्पेशल बस का इंतजाम नहीं कर पाया। आलम यह था कि रविवार सुबह चार बजे जब परीक्षार्थी जींद से अन्य जिलों में परीक्षा देने जाने के लिए बस स्टैंड पर पहुंचे तो उनके लिए चलाई जाने वाली स्पेशल बसों के चालक और परिचालक नहीं पहुंचे। इसके चलते रोडवेज अधिकारियों को मजबूरन परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए एक प्राइवेट बस हिसार के लिए निकालनी पड़ी। रविवार को 51 चालक और 47 परिचालक रेस्ट पर रहे। पर्याप्त चालक और परिचालक नहीं होने के कारण रविवार को 14 बसें वर्कशॉप में खड़ी रहीं। इसके अलावा छह बसें ब्रेक डालने के कारण नहीं चल पाईं। इसी प्रकार जींद डिपो में 104 बसों में से केवल 84 बसें ही रविवार को ऑन रूट रहीं। इसके चलते परीक्षा के बाद घर को वापस जाते समय भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शांतिपूर्वक हुई परीक्षा
परीक्षा में नकल नहीं हो सके, इसके लिए प्रशासन द्वारा कड़े इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा परीक्षार्थियों की अच्छी तरह चेकिंग की गई, वहीं परीक्षा केंद्रों के अंदर सीसीटीवी कैमरों से परीक्षार्थियों पर नजर रखी गई थी। इस दौरान नकल का कोई मामला सामने नहीं आया। दोनों दिन परीक्षा शांतिपूर्वक ढंग से समाप्त हुई है।
विरेंद्र सेहरावत, एसडीएम।
क्या करें लंबी ड्यूटी लेने के बाद रेस्ट भी देना पड़ेगा
एक जनवरी से नई रोटेशन बनाई गई। यात्रियों की सुविधा के लिए चालक व परिचालक से लगातार काम लिया गया है। सप्ताह में 48 घंटे ड्यूटी लेने के बाद रेस्ट देने का प्रावधान है। जिस कारण रविवार को 51 चालक और 47 परिचालकों को रेस्ट देना पड़ा। इसके बावजूद यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होनी थी। यात्रियों की सुविधा के लिए छह बस चलाई गई।
कृष्ण पूनिया, डीआई इंचार्ज।