अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अपनी बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले जींद के नागरिक अस्पताल में एक ओर खुलासा हुआ है। पिछले दो साल में 790 लोगों को महज मेडिकल फिटनेस जांच के लिए अग्रोहा या रोहतक मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। इसका खुलासा आरटीआई से हुआ है। वहीं सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया का कहना है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के नहीं होने के कारण उम्मीदवारों को रोहतक या अग्रोहा भेजा गया है।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेत्र चिकित्सा सहायक राजबीर बेरवाल ने कहा कि वर्ष 2013 से 2015 के बीच तक सरकारी नौकरी सेवा में प्रथम प्रवेश के लिए मेडिकल फिटनेस बारे कोई भी उम्मीदवार कहीं रेफर नहीं किया गया। इनका मेडिकल जींद के नागरिक अस्पताल में ही किया गया, लेकिन 2016 से 2018 के बीच 790 उम्मीदवार अग्रोहा में रेफर किए गए। राजबीर बेरवाल का कहना है कि सिविल सर्जन को मेडिकल फिटनेस के लिए अधिकारिक तौर पर पूरी तरह मान्यता प्राप्त है। वे बेवजह ही लोगों को गुमराह कर परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2015 से पहले नियुक्त सभी सिविल सर्जन ने सरकारी सेवा में प्रथम प्रवेश का मेडिकल फिटनेस किया।
नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपस्थिति के चलते उम्मीदवारों को अग्रोहा भेजा गया है। कई बार रोहतक या अन्य अस्पताल से विशेषज्ञ चिकित्सक भी बुलाए गए हैं, लेकिन उनकी उपलब्धता नहीं होने ही उम्मीदवारों को भेजा गया है। यह कानूनी प्रक्रिया है।
-डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन।