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अस्थायी नंदीशाला बना बूचड़खाना, गायों कें लिए पानी न दाना

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद। जयंती देवी मंदिर के सामने जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई अस्थायी नंदीशाला किसी बूचड़खाने से कम नहीं है। यहां प्रतिदिन भूख-प्यास से गायों की मौत हो रही है, लेकिन जिला प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। सोमवार को दिल्ली से एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की टीम जांच करने पहुंची तो यहां के हालात देखकर बोर्ड सदस्य रो पड़ी तथा जिला प्रशासन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। टीम ने कहा कि यदि प्रशासन सही प्रकार से व्यवस्था नहीं कर सकता तो वह जिम्मेदारी से मुकर जाए, बोर्ड इन गायों की देखभाल करने में सक्षम है।
अस्थायी नंदीशाला में प्रतिदिन लोग चंदा दे रहे हैं, एक ग्राम पंचायत प्रतिदिन चारा देती है। इसके बावजूद सैकड़ों लोग खुद नंदीशाला पहुंचकर चंदा देते हैं। इसके बावजूद भी गाय भूख व प्यास के कारण मर रही है। बीमार गायों की देखभाल करने के लिए कोई नहीं है। कई दिन से गाय प्यासी हैं और आखिरकार अपना दम तोड़ रही हैं। इतना चंदा आने के बावजूद भी नंदीशाला के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रशासन बार-बार दावा करके हालात सुधारने की बात कहता है लेकिन अधिकारियों द्वारा नंदीशाला के दौरे करने के बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा। सोमवार को एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से वेलफेयर ऑफिसर रीमा के नेतृत्व में एक टीम पहुंची। टीम में गो ज्ञान फाउंडेशन की सदस्य भी शामिल थीं। सभी ने नंदीशाला का निरीक्षण किया और जिला प्रशासन को कोसा। जिस समय टीम निरीक्षण कर रही थीं, उस समय वहां केवल रोहतक व कैथल से आए कुछ समाजसेवी मौजूद थे, जबकि जिन कर्मियों की यहां नियमित रूप से ड्यूटी लगाई हुई थी उनमें से कोई नहीं मिला। टीम के निरीक्षण की सूचना पाकर कुछ कर्मी मौके पर पहुंचे और पशुओं को चारा व पानी पिलाने लगे। टीम सदस्यों के लगभग एक घंटे के निरीक्षण में पाया गया कि नंदीशाला में नंदी व गाय भूख और प्यास के कारण मर रही हैं, लेकिन इनकी कोई देखभाल नहीं की जा रही है।
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एसडीएम, पशुपालन विभाग के खिलाफ पुलिस को दी शिकायत
एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की टीम सीधी शहर थाना में पहुंची। यहां उन्होंने एसडीएम जींद, डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन विभाग, नगर परिषद के सदस्यों सहित कमेटी सदस्यों के खिलाफ शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की, लेकिन शहर थाना प्रभारी जगबीर सिंह ने मामला उनकी पहुंच से बाहर होने के चलते सिविल प्रशासन से संपर्क करने को कहा। टीम ने कहा कि पुलिस के मार्फत ही उनकी शिकायत सिविल प्रशासन तक पहुंचाई जाए। उसके बाद टीम ने अपनी शिकायत शहर पुलिस को सौंप दी और वहां से चले गए।

रोहतक के समाजसेवी ने खोली पोली
सुबह लगभग साढ़े 12 बजे एनिमल वेलफेयर बोर्ड आफ इंडिया से वेलफेयर आफिसर रीमा तथा गो ज्ञान फाउंडेशन की सदस्य रुचि, सविता, सिल्वी, अंजू, कीर्ति सचदेवा अस्थायी नंदीशाला पहुंचीं और निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सिर्फ एक कर्मी को छोड़कर वहां कोई मौजूद नहीं था। दोपहर तक नंदी व गायों को चारा तक नहीं डाला गया था। अधिकतर पशु मरने की हालत में थे। सूचना मिलने पर निशुल्क सेवा कर रहे रोहतक निवासी जयभगवान व अन्य पहुंच गए और पूरे हालात टीम के सामने बयान किए। जयभगवान ने टीम के सामने कहा कि यहां हाजिरी रजिस्टर लगा हुआ है लेकिन कोई नहीं आता। पशु चिकित्सक भी कभी-कभार ही आते हैं। समाज सेवा का दम भरनेवाली अन्ना टीम के सदस्य भी केवल दिखावे के लिए हीत आते हैं।
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उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी रिपोर्ट
पत्रकारों से बातचीत में रीमा ने कहा कि नंदीशाला की हालात बहुत खराब है। हालत देखकर लगता है कि प्रशासन जानबूझकर इन गायों की बलि लेना चाहता है। जब उन्होंने एक गाय को पानी दिया गया तो वह तीन बाल्टी पी गई। इससे साफ है कि गायों को कई दिन से पीने का पानी ही नहीं मिल रहा। प्रशासन को लगता है कि दिल्ली से कोई अधिकारी आएगा और पशुओं को पानी पिलाएगा। एसडीएम को यह तक नहीं पता कि कितनी गाय और कितना बजट है। जो गोवंश की हत्या हुई है, उसका इल्जाम किसके सिर जाएगा। जो हत्या हो रही है, उसे रोकना होगा। यदि प्रशासन कुछ नहीं कर सकता तो हमें बता दिया जाए हमारे दिल्ली से आफिसर आकर इसे खुद संभाल लेंगे। यहां 50 से 60 कर्मी होने चाहिए, तभी काम कर सकती है। रिपोर्ट बनाकर ऊपर भेजी जाएगी। दिल्ली में बैठे उच्च अधिकारी भी जो कर सकते हैं, वह भी करेंगे। उन्होंने कहा कि नंदीशाला खोलना ही सब कुछ नहीं है, यहां सुविधाएं भी जरूरी है। यहां पशुओं को डालकर उसे दर्द ही दिया जा रहा है।

05जेएनडी02 : पत्रकारों से बातचीत करती एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफिसर रीमा।
05जेएनडी03 : अपने सामने गाय को पानी पिलवाती टीम सदस्य।
05जेएनडी04 : बोर्ड सदस्यों को जानकारी देते जयभगवान।05जेएनडी16 : अस्थाई नंदीशाला में गायों की दयनीय हालत।
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