अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना
नगर परिषद नरवाना में प्रधान और उप प्रधान को लेकर दो जनवरी को अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान के बाद हालांकि मामला अदालत में चला गया है, लेकिन नेताओं ने अब इस मामले में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला का नाम जोड़ कर इसे नया रंग दे दिया है। नप के प्रधान सुरेश पप्पू ने पत्रकार वार्ता कर दावा किया है कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष सुभाष बराला द्वारा निर्वाचन अधिकारी पर दबाव बनाया। उन्हीं की शह पर यह चुनाव है जो सरासर गलत तरीके से हुआ। उन्होंने कहा कि जब वोटिंग के दौरान एसडीएम के सामने उन्होंने सरेआम सबके सामने वोटिंग को लेकर सवाल किया तो बराला ने उनके खिलाफ एफआईआर कटवाने की धमकी देकर मेरी आवाज दबाई, यही नहीं, सिर्फ उनका ही वोट पर्दे के पीछे जाकर डलवाया गया। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा के अध्यक्ष सुभाष बराला और चुनाव निर्वाचन अधिकारी मिलीभगत से ही उन्हें कुर्सी से हटाने का प्रयास किया गया है, लेकिन अब मामला हाई कोर्ट में है और इस मामले को लेकर हाई कोर्ट जो भी फैसला करेगा वे उसका पालन करेंगे।
प्रधान और उप प्रधान चुनाव के थे बैलेट पेपर
सुरेश पप्पू व कृष्ण मोर ने कहा कि उच्च अधिकारियों द्वारा जो बैलेट पेपर चुनाव के लिए जारी किए थे वो अविश्वास प्रस्ताव के नहीं प्रधान और उप प्रधान के चुनाव के थे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिकारी ने रद्द वोटों को भी प्रधान और उप प्रधान के विरोध में गिन दिया और प्रस्ताव पारित कर दिया।
हमारे आने से पहले ही हो चुका था फैसला
कृष्ण मोर ने बताया कि उप प्रधान की वोटिंग का समय 12 बजकर 10 मिनट का था और जब वे 12 बजे नगर परिषद पहुुंचे तो उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। क्योंकि वोटिंग पौने 12 बजे ही पूरी हो चुकी थी और फैसला भी सुना दिया गया था। उप प्रधान ने आरोप लगाए कि इस चुनाव में भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला ने उन्हें फसाने की साजिश भी रची है।