जींद पहुंचे राष्ट्रीय सफाई आयोग के सदस्य स्वामी सदानंद
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। राष्ट्रीय सफाई आयोग के सदस्य स्वामी सदानंद महाराज वीरवार को जींद पहुंचे। इस दौरान जिला भर के सफाई कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं से उन्हें रूबरू करवाया। इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने कहा कि गांवों के सरपंच उन्हें घर के काम करने के लिए कहते हैं, यदि वे ऐसा नहीं करते तो उनकी गैरहाजिरी लगा दी जाती है, जिससे उन्हें पूरे महीने का वेतन नहीं मिलता। वहीं हुडा में नौ साल तक ठेकेदार के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को पीएफ का लाभ नहीं दिया गया है। इस पर स्वामी सदानंद महाराज ने अधिकारियों को आदेश दिया कि इसमें तुरंत कार्रवाई की जाए।
स्वामी सदानंद महाराज ने सबसे पहले लघु सचिवालय के सभाकक्ष में जिला भर के सफाई कर्मचारियों की मीटिंग ली। इसके बाद सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष उठाया। सफाई कर्मचारियों के साथ हुई मीटिंग में काफी समस्याएं आई। इस पर स्वामी सदानंद महाराज ने कहा कि अधिकारी ठेकेदार के काम पर निगरानी नहीं रख रहे हैं। इसके चलते ही सफाई कर्मचारियों को पूरे कानूनी लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
सरपंच की भूमिका हटाई जाए
मीटिंग के दौरान जींद ब्लॉक के सफाई कर्मचारियों ने कहा कि वह नियमित रूप से गांवों में सफाई का काम करते हैं, लेकिन पांच महीने से उन्हें अपना वेतन पाने के लिए सरपंच से हाजिरी लगवानी पड़ रही है। इससे सरपंच उन्हें घर केे काम करने पर मजबूर कर रहे हैं। ऐसा नहीं करने पर महीने में उनकी दस से 12 गैरहाजिरी लगा दी जाती हैं। इससे उनको सिर्फ आधा वेतन ही मिल पाता है। इस पर बीडीपीओ अनुभव मेहता ने आश्वासन दिया कि वे इस प्रकार के मामलों की जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे।
आबादी के अनुसार नहीं कर्मचारी
मीटिंग के दौरान सफाई कर्मचारियों ने मांग उठाई कि जिला भर में आबादी के अनुसार सफाई कर्मचारी नहीं हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त काम करना पड़ता है और इसके लिए कोई भत्ता भी नहीं मिलता। सफाई कर्मचारियों ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में इसके कारण काफी दिक्कतें आ रही हैं। नियमानुसार जींद शहर में करीब 500 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन यहां महज 261 कर्मचारी ही तैनात हैं। आयोग के सदस्य ने अधिकारियों को इसके लिए भी उचित कार्रवाई के आदेश दिए।
झांझ गांव में अवैध कब्जा हटवाने के आदेश
इस दौरान आयोग के समक्ष झांझ गांव के लोगों ने शिकायत की कि झांझ खुर्द गांव में अनुसूचित जाती की चौपाल की जगह पर लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। यहां पशु बांधे जा रहे हैं। इस पर टीम ने आदेश दिए कि प्रशासन यहां जल्द कब्जा हटवाए।
कम मिल रहा है वेतन
बिघाना गांव में तैनात सफाई कर्मचारियों ने कहा कि वहां दो कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन उनके वेतन से चार हजार रुपये काट लिए जाते हैं। इस पर डीडीपीओ ने मामले की जांच की बात कही।
सफीदों में नहीं मिल रहा डीसी रेट
सफीदों के सफाई कर्मचारियों ने कहा कि उनको डीसी रेट भी नहीं मिल रहा है। इस पर सफीदों नगरपालिका के सचिव ने बताया कि इस बार टेंडर डीसी रेट के हिसाब से नहीं, न्यूनतम वेतन के हिसाब से दिया गया है। इसके अनुसार करीब 8100 रुपये ही वेतन बनता है।
सारे नियमों की पालना करवाना अधिकारियों की जिम्मेवारी
इस दौरान राष्ट्रीय सफाई आयोग की टीम ने सारी शिकायतों पर अधिकारियों के जवाबों पर हैरानी जताई और कहा कि हर शिकायत को सरकार के पत्र का हवाला देकर रोक दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सभी कानूनी नियमों की पालना करवाना अधिकारियों की जिम्मेवारी है।